फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Scientists make first robot to conduct swab test save health workers from infection

कोरोना परीक्षण के लिए तैयार हुआ दुनिया का पहला रोबोट, संक्रमण से बचेंगे स्वास्थ्यकर्मी

Sat, 30 May 2020 12:00 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोपेनहेगन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोपेनहेगन Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 30 May 2020 12:00 PM IST
विज्ञापन
Scientists make first robot to conduct swab test save health workers from infection
नमूना लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला पूरी तरह से ऑटोमेटिक रोबोट तैयार कर लिया है। यह कोरोना वायरस से संबंधित स्वैब परीक्षणों को सटीक तरीके से अंजाम देने में सक्षम है। यह कामयाबी डेनमार्क के वैज्ञानिको को हासिल हुई है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस रोबोट के बाजार में आने से नमूने लेने वालों के कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा नहीं रहेगा। 

विज्ञापन

डेनमार्क में अब तक कोरोना संक्रमण के 11,593 मामले सामने आए हैं। जबकि 568 लोगों की मौत हो गई है। यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न डेनमार्क के वैज्ञानिकों का कहना है कि लैब मैं तैयार इस रोबोट को अब खरीददारों का इंतजार है। इसका बड़े पैमाने पर निर्माण होने में तीन से चार महीने लग सकते हैं।
विज्ञापन



कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है या नहीं इसका पता लगाने के लिए दुनियाभर में अलग-अलग तरह के परीक्षण मौजूद हैं। कहीं पर खून की जांच की जाती है तो कहीं स्वैब के नमूने लिए जाते हैं। हालांकि सबसे सटीक तरीका स्वैब परीक्षण है। इसमें नाक या गले के अंदर ईयरबड जैसा दिखने वाला स्वैब डालकर नमूना लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- कोविड-19 पर काबू पाने के लिए स्वीडन मॉडल अपना रही पश्चिम बंगाल सरकार: विशेषज्ञ


स्वैब लेने के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट पहननी होती है। यह पीपीई किट दोबारा इस्तेमाल नहीं होती इसलिए उनसे उम्मीद की जाती है कि वे कम से कम आठ घंटे इसे पहनकर रखें। इस दौरान वे न तो शौचायल जा सकते हैं और न ही कुछ खा-पी सकते हैं। जितने ज्यादा परीक्षण हो रहे हैं उतना ही स्वास्थ्यकर्मियों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति में रोबोट काफी मददगार हो सकता है।

सारे काम करेगा रोबोट
वैज्ञानिकों ने इस रोबोट को थ्रीडी प्रिंटर की मदद से तैयार किया है। मरीज रोबोट के सामने बैठकर मुंह खोलेंगे और यह स्वैब नमूने लेकर उसे टेस्ट ट्यूब में डालकर ढक्कन बंद कर देगा। रोबोट को बनाने वाले थियुसियुस रजीत सवारीमुथु ने कहा कि मैं उन लोगों में से एक था जिन्हें रोबोट ने सबसे पहले टेस्ट किया था। मैं यह देखकर हैरान था कि रोबोट ने कितनी आसानी से स्वैब को वहां पहुंचा दिया जहां उसे पहुंचाना चाहिए था। यह एक बड़ी सफलता है। रोबोट का फायद यह भी है कि ये न तो थकेगा और न ही काम करके उबेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed