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नासा का अभियान: बृहस्पति के रहस्य खोलेगा जूनो, दे चुका है ये अहम जानकारियां

Wed, 16 Jun 2021 06:05 AM IST
Kuldeep Singh न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Published by: Kuldeep Singh Updated Wed, 16 Jun 2021 06:05 AM IST
सार

  • सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति को हाइड्रोजन का एक बड़ा गोला समझा जाता है।
  • जूनो द्वारा अब तक की गई खोजों ने इसकी जटिलताएं भी सामने रखी हैं।
  • बादलों के नीचे छिपी मौसमी हलचलों की मौजूदगी के बारे में जूनो से ही वैज्ञानिकों को पता चला

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Scientific research: Juno will reveal the secrets of Jupiter Juno
बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay

विस्तार

नासा का अंतरिक्ष यान जूनो अगले कुछ समय में बृहस्पति ग्रह से जुड़े कई राज खोलने की कोशिश करेगा। इसमें बादलों के नीचे छिपी मौसमी हलचलें फिर प्रमुख हैं। खास बात है कि इनमें से अधिकतर की बादलों के नीचे छिपी मौसमी हलचलों की मौजूदगी के बारे में जूनो से ही वैज्ञानिकों को पता चला था।

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हमारे सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति को हाइड्रोजन का एक बड़ा गोला समझा जाता है। जूनो द्वारा अब तक की गई खोजों ने इसकी जटिलताएं भी सामने रखी हैं। 4 जुलाई 2016 से बृहस्पति की कक्षा में अध्ययन कर रहे दोनों को इनके बारे में जानने के लिए 4 साल और 42 अतिरिक्त परिक्रमा करने का एक्सटेंशन नासा द्वारा दिया गया था।
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पुरानी योजना के अनुसार, 2018 के शुरू में ही जूनो का काम पूरा हो चुका होता। यह भी अनुमान है कि अगर जूनो ठीक से काम करता रहा तो इसे और एक्सटेंशन दिया जा सकता है।
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तेरह तूफान खोजें, अध्ययन बाकी
जूनो ने बृहस्पतिवार ग्रह के उत्तरी ध्रुव पर 8 और दक्षिणी ध्रुव पर पांच ऐसे तूफानों का खुलासा किया जो कई वर्षों से लगातार बने हुए हैं। यह तूफान करीब 4000 किलोमीटर आकार के हैं। जूनो अगले कुछ वर्षों से इन्हें करीब से देखेगा और पृथ्वी पर इनकी संरचना वह लंबी उम्र की वजहों पर नई जानकारियां देगा।


बेसबॉल की गेंदों जितनी बूंदे 
कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के गृह विज्ञानी डॉ डेविड जे स्टीवेंसन के अनुसार, बृहस्पति ग्रह पर अमोनिया के पानी के बूंदे बारिश बनकर गिरती हैं। लेकिन यह हमारी धरती की बूंदों जैसी छोटी नहीं बल्कि आकार में बेसबॉल की गेंदों जितनी बड़ी भी हो सकती है। अमोनिया गैस की वजह से वे जल्दी बरसात में नहीं बदलती बल्कि आकार बढ़ने तक बर्फीले बादलों में बनी रहती हैं।

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