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Saudi Arabia: 'फलस्तीन बनने तक इस्राइल से नहीं रखेंगे कोई संबंध', सऊदी अरब ने ट्रंप को दिया झटका
Wed, 05 Feb 2025 03:19 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रियाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रियाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 05 Feb 2025 03:19 PM IST
सार
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि 'सऊदी अरब, फलस्तीन के लोगों के अधिकारों को किसी भी तरह से खारिज करने का विरोध करता है, फिर चाहे वो पुनर्वास संबंधी नीतियां हों, जमीन पर कब्जा हो या फिर फलस्तीन के लोगों को उनकी जमीन से विस्थापित करने की कोशिश के जरिए हो।
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सऊदी अरब के युवराज
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
सऊदी अरब ने डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइल को झटका देते हुए कहा है कि जब तक फलस्तीन देश नहीं बन जाता है, तब तक इस्राइल के साथ कोई कूटनीतिक संबंध नहीं बनाएंगे। सऊदी अरब ने कहा कि वे फलस्तीन की अलग देश के रूप में मांग से पीछे नहीं हटेंगे। सऊदी अरब का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है, जब मंगलवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे चाहते हैं कि अमेरिका, गाजा पर नियंत्रण रखे और गाजा से विस्थापित लोगों को गाजा के बाहर बसाया जाए।
'फलस्तीन के मुद्दे पर नहीं करेंगे कोई समझौता'
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी किया। सोशल मीडिया पर साझा इस बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब का विदेश मंत्रालय यह स्पष्ट करता है कि फलस्तीन देश बनाने को लेकर हमारा विचार दृढ़ है और ये बदलने वाला नहीं है। युवराज और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने 18 सितंबर 2024 को शूरा काउंसिल के पहले सत्र में भी स्पष्ट और दृढ़ तौर पर फलस्तीन को अलग देश बनाने का समर्थन किया था। युवराज ने जोर देकर कहा था कि वह फलस्तीन को अलग देश बनाने का समर्थन जारी रखेगा और पूर्वी यरूशलम उसकी राजधानी होनी चाहिए, जब तक ये नहीं होता है, तब तक इस्राइल के साथ कोई कूटनीतिक संबंध स्थापित नहीं किए जाएंगे।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि 'सऊदी अरब, फलस्तीन के लोगों के अधिकारों को किसी भी तरह से खारिज करने का विरोध करता है, फिर चाहे वो पुनर्वास संबंधी नीतियां हों, जमीन पर कब्जा हो या फिर फलस्तीन के लोगों को उनकी जमीन से विस्थापित करने की कोशिश के जरिए हो। सऊदी अरब फलस्तीन के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा।'
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ट्रंप और इस्राइल को झटका
सऊदी अरब का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब मंगलवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्हाइट हाउस में एक संयुक्त प्रेसवार्ता के दौरान कहा था कि वे चाहते हैं कि गाजा पर अमेरिका का स्वामित्व रहे और गाजा में पुनर्निर्माण का काम अमेरिका करे। उन्होंने कहा कि 'गाजा में जर्जर इमारतों को तबाह कर और मलबा हटाकर वहां पुनर्निर्माण का काम अमेरिका करे और वहां आर्थिक विकास किया जाए, जिससे लोगों को रोजगार और अच्छा घर मिले।' ट्रंप ने ये भी कहा कि गाजा से विस्थापित हुए लोगों को गाजा के बाहर बसाया जाए। इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप के इस सुझाव की तारीफ की और कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इससे इतिहास बदल जाएगा।
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'फलस्तीन के मुद्दे पर नहीं करेंगे कोई समझौता'
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी किया। सोशल मीडिया पर साझा इस बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब का विदेश मंत्रालय यह स्पष्ट करता है कि फलस्तीन देश बनाने को लेकर हमारा विचार दृढ़ है और ये बदलने वाला नहीं है। युवराज और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने 18 सितंबर 2024 को शूरा काउंसिल के पहले सत्र में भी स्पष्ट और दृढ़ तौर पर फलस्तीन को अलग देश बनाने का समर्थन किया था। युवराज ने जोर देकर कहा था कि वह फलस्तीन को अलग देश बनाने का समर्थन जारी रखेगा और पूर्वी यरूशलम उसकी राजधानी होनी चाहिए, जब तक ये नहीं होता है, तब तक इस्राइल के साथ कोई कूटनीतिक संबंध स्थापित नहीं किए जाएंगे।
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सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि 'सऊदी अरब, फलस्तीन के लोगों के अधिकारों को किसी भी तरह से खारिज करने का विरोध करता है, फिर चाहे वो पुनर्वास संबंधी नीतियां हों, जमीन पर कब्जा हो या फिर फलस्तीन के लोगों को उनकी जमीन से विस्थापित करने की कोशिश के जरिए हो। सऊदी अरब फलस्तीन के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा।'
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ट्रंप और इस्राइल को झटका
सऊदी अरब का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब मंगलवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्हाइट हाउस में एक संयुक्त प्रेसवार्ता के दौरान कहा था कि वे चाहते हैं कि गाजा पर अमेरिका का स्वामित्व रहे और गाजा में पुनर्निर्माण का काम अमेरिका करे। उन्होंने कहा कि 'गाजा में जर्जर इमारतों को तबाह कर और मलबा हटाकर वहां पुनर्निर्माण का काम अमेरिका करे और वहां आर्थिक विकास किया जाए, जिससे लोगों को रोजगार और अच्छा घर मिले।' ट्रंप ने ये भी कहा कि गाजा से विस्थापित हुए लोगों को गाजा के बाहर बसाया जाए। इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप के इस सुझाव की तारीफ की और कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इससे इतिहास बदल जाएगा।