अरामको पर हूतियों का हमला: सना पर सऊदी की एयरस्ट्राइक, रियाद तक मिसाइलों की धमक, क्या बिगड़ने वाले हैं हालात?
सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में अरामको परिसर की एक प्रशासनिक इमारत पर हमले के बाद आग लगी, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दूसरी ओर, सऊदी गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके बाद रियाद और पूर्वी प्रांत में मिसाइल अलर्ट जारी हुए, जबकि गठबंधन ने कई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का दावा किया। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में जारी संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
विस्तार
सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल अरामको के परिसर को निशाना बनाया गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, परिसर की एक प्रशासनिक इमारत में सीमित आग लग गई। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि सऊदी तेल कंपनी अरामको के सीनियर अफसरों से संबंधित कार्यालय हूती विद्रोहियों के हमले में निशाना बने। यह हमला कंपनी के मुख्यालय पर रात भर चले हमले का हिस्सा था। यह ईरान समर्थित विद्रोहियों की चेतावनी जारी करने के बाद भी उच्च-स्तरीय लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता का सबसे हालिया उदाहरण है।
जानकारी के अनुसार शीर्ष अधिकारियों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली इमारत की ऊपरी तीन मंजिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यालय भी प्रभावित हुआ है। कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी क्योंकि उन्हें मीडिया से इस मामले पर चर्चा करने का अधिकार नहीं था। इससे पहले हौथियों ने कहा था कि उन्होंने मुख्यालय वाले शहर धाहरान को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया था।
यमन की राजधानी सना में सऊदी गठबंधन ने हमला क्यों किया?
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार को यमन की राजधानी सना में हवाई हमले किए। सना पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले प्रसारक अल मसिरा और स्थानीय लोगों ने हमलों की जानकारी दी। हमले से पहले गठबंधन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शहर में कई घंटे बाद भी तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इससे पहले गठबंधन ने सना के पश्चिम में स्थित सुबाहा ईंधन केंद्र को निशाना बनाया था।
सऊदी गठबंधन ने तेल भंडारण केंद्र पर क्या आरोप लगाए?
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोही मिसाइलों और ड्रोन के अपने हथियारों के भंडार के लिए यमन ऑयल कंपनी की सुविधा और उसके भूमिगत ईंधन डिपो का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह केंद्र राजधानी सना के ऊपर एक पहाड़ी पर स्थित है। गठबंधन ने नागरिकों से यमन ऑयल कंपनी के परिसर और आसपास के भंडारण क्षेत्रों को खाली करने को कहा था।
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पूरे घटनाक्रम को ऐसे समझिए
- तेल ठिकाने पर हमले के बाद भी सप्लाई पर असर नहीं, यमन ऑयल कंपनी का दावा-भंडारण केंद्र खाली।
- सना में पेट्रोल पंपों पर लगी गाड़ियों की कतारें, तेल की किल्लत की आशंका से बढ़ी लोगों की चिंता।
- हूतियों की सऊदी अरब को खुली चेतावनी, सना पर हमला हुआ तो रियाद को मिलेगा दर्दनाक जवाब।
- सऊदी राजधानी रियाद और तेल उत्पादक पूर्वी प्रांत में मिसाइल अलर्ट, अधिकारियों ने बाद में बताया खतरा टला।
- सऊदी गठबंधन का बड़ा दावा, कई इलाकों में हूतियों की मिसाइलें और ड्रोन हवा में ही रोके।
- हमले के खतरे के बीच रियाद से हटाए गए कई विमानों को दूसरे हवाई अड्डों पर भेजा गया।
- सऊदी अरब की रणनीति पर विशेषज्ञ की नजर, हूती ठिकानों पर हमले कर दबाव बढ़ाने की कोशिश।
क्या पश्चिम एशिया में बिगड़ेंगे हालात?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यमन में मंगलवार को किया गया हमला सैन्य कार्रवाई बढ़ाने का संकेत था या रियाद के हवाई अड्डे पर हाल में हुए जानलेवा हमलों के जवाब में सीमित कार्रवाई। हालांकि, अरामको परिसर पर हमले, सना में हवाई हमलों और रियाद की ओर मिसाइलों के खतरे ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। आने वाले समय में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह अभी साफ नहीं है।