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Hindi News ›   World ›   SAARC Foreign Ministers meet begins without Pakistan Foreign Minister Shah Mehmood Qureshi

सार्क बैठक में जयशंकर के भाषण से गायब हुए पाक विदेश मंत्री कुरैशी

Fri, 27 Sep 2019 01:25 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 27 Sep 2019 01:25 AM IST
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SAARC Foreign Ministers meet begins without Pakistan Foreign Minister Shah Mehmood Qureshi
सार्क बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : एएनआई

सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान यहां गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के उद्घाटन संबोधन से पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी गायब दिखाई दिए। कुरैशी ने इसे अपनी तरफ से भारत के बायकॉट का तरीका करार दिया। 

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उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने बाद में ट्वीट के जरिए कहा कि उनका देश कश्मीर से प्रतिबंध हटाए जाने तक भारत के साथ किसी तरह के संबंध नहीं रखेगा। 
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दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की बैठक यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से इतर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की अनुपस्थिति में ही शुरू की गई।
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जयशंकर का उद्घाटन संबोधन खत्म होने के बाद कुरैशी बैठक में शामिल होने पहुंचे, जब उनसे देरी से आने का कारण पूछा गया तो उन्होनें कहा कि वह कश्मीर पर विरोध जताने के लिए भारतीय मंत्री के साथ नहीं बैठना चाहते थे। 

जब इस बारे में जयशंकर से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। सार्क में भारत और पाकिस्तान के अतिरिक्त अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और बांग्लादेश शामिल हैं।

पिछले साल सुषमा स्वराज ने किया था बहिष्कार

पिछले साल दिवंगत भाजपा नेता व तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी अपने संबोधन के बाद सार्क मंत्रिस्तरीय परिषद की बैठक छोड़कर चली गई थीं। उन्होंने यह कदम जम्मू-कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या और इस्लामाबाद की तरफ से कश्मीरी आतंकियों के ऊपर डाकटिकट जारी करने के विरोध में उठाया था। 

इससे पहले 2016 में जम्मू-कश्मीर में उड़ी में आतंकी हमले के विरोध में इस्लामाबाद में आयोजित हो रहे सार्क सम्मेलन का भारत के साथ बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी बहिष्कार कर दिया था। इस पर पाकिस्तान को यह सम्मेलन रद्द करना पड़ा था। 

विकास के लिए पहले आतंकवाद का खात्मा जरूरी

विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक में कहा कि आतंकवाद को बहुत बड़ी समस्या बताते हुए कहा, हमारा मानना है कि फलदायी सहयोग के लिए और हमारे क्षेत्र की बेहतरी और उन्नति के लिए आतंकवाद के हर रूप को खत्म करना एक पूर्व शर्त है। 

उन्होंने कहा, दक्षिण एशियाई सैटेलाइट का उदाहरण यह बताता है कि किस तरह से भारत ने यह पहल की है कि उसके पड़ोसी समृद्ध हों। दक्षिण एशियाई सैटेलाइट को साल 2017 में इस उद्देश्य के साथ लॉन्च किया गया था कि सार्क क्षेत्र में गरीबी की स्थिति को समझने के लिए वैज्ञानिक समाधान मिल सकें। 

उन्होंने कहा कि क्षेत्रवाद विश्व के हर कोने में फैल चुका है। अगर हम पीछे रह गए हैं, तो इसलिए क्योंकि दक्षिण एशिया में वैसा सामान्य व्यापार और संपर्क नहीं है जैसा अन्य क्षेत्रों में है।

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