रूस नहीं करेगा पाक अधिकृत कश्मीर में संयुक्त अभ्यास
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भारत के पुराने सामरिक साझीदार देश ने नई दिल्ली की चिंताओं को समझते हुए पाकिस्तान के साथ पाक अधिकृत कश्मीर में संयुक्त युद्धाभ्यास न करने का भरोसा दिया है। विदेश मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि मास्को ने नई दिल्ली के अनुरोध को मान लिया है।
उसने भारत को भरोसा दिया है कि वह पाकिस्तान के साथ पहले से निर्धारित युद्धाभ्यास तो करेगा, लेकिन इसे पाक अधिकृत कश्मीर में नहीं करेगा। सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान के साथ रूस के सैन्य संबंधों की भारत के साथ तुलना ही नहीं की जा सकती।
पाकिस्तान अगले कई दशकों में भी रूस का वह विश्वास और सहयोग हासिल नहीं कर सकेगा। इसलिए यह सैन्य अभ्यास भारत के लिए चिंता का सबब नहीं है, लेकिन इसी के साथ यह भी सही है कि भारत अपने विश्वसनीय और अब तक के सबसे बड़े सामरिक साझीदार रूस के साथ पाकिस्तान की नजदीकी को भी नहीं देखना चाहता। बताते हैं नई दिल्ली ने मास्को को अपनी इस चिंता से भी अवगत करा दिया है।
रूस-पाक का संयुक्त युद्धाभ्यास
पाकिस्तान और रूस के बीच में पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में संयुक्त अभ्यास पर सहमत बनी है। दोनों देशों के बीच में होने वाला यह पहला युद्धाभ्यास होगा। यह अभ्यास आतंकवाद से निबटने, आपात स्थिति से निबटने समेत अन्य बिन्दुओं पर केन्द्रित होगा।
पाकिस्तान की कोशिश इसे पाक अधिकृत कश्मीर में पूरा करने की है। इसकी रुपरेखा पर औपचारिक सहमति बन जाने के संकेत थे। इसमें रूस और पाकिस्तान के 200-200 सैनिकों को हिस्सा लेना था।
रूस से पाक चाहता है 4 एमआई-35 अटैक हेलीकाप्टर
पाकिस्तान ने रूस से चार एमआई-35 अटैक हेलीकाप्टर लेने की पहल की है। पाकिस्तान की यह पहल काफी पुरानी है और दोनों देशों के बीच में इस सौदे पर सहमति बनने के संकेत मिलने लगे हैं। माना जा रहा है कि मास्को ने तीन हेलीकाप्टर देने का मन बनाया है।
एमआई-35 अटैक हेलीकाप्टर अपनी श्रेणी का बेहतरीन हेलीकाप्टर है। दुर्गम ,ऊंचाई वाले स्थानों पर इसे आपरेट किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल हर मौसम में और लगभग हर कठिन परिस्थिति में किया जा सकता है।
पाकिस्तान है गेम बाल
भारतीय रणनीतिकारों के मुताबिक पाकिस्तान की स्थिति एक गेम बाल जैसी है। जिसका अमेरिका, चीन और अब रूस अपने हित के हिसाब से खेलने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी वजह पाकिस्तान की भौगोलिक दृष्टि से उपस्थिति, अफगानिस्तान से सटी सीमा का होना बताया जा रहा है।
भारतीय रणनीतिकारों का कहना है कि पाकिस्तान वैश्विक धरातल पर कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं है। बल्कि यह वैश्विक स्तर पर खेलने वाले खिलाडियों का बॉल(हथियार) है। वहीं भारत वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को दर्ज कराने वाले देशों में है।