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एयर-शो: रूस ने पेश किया नया सुखोई चेकमेट, भारत को भी पेशकश
Thu, 22 Jul 2021 01:30 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, मॉस्को।
एजेंसी, मॉस्को।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 22 Jul 2021 01:30 AM IST
सार
रूस की सरकारी एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी रूस्टेक के मुताबिक, शत्रु के लिए इस विमान को ढूंढ पाना आसान नहीं होगा और इसे चलाने की कीमत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) भी कम होगी।
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checkmate fighter jet
- फोटो : YouTube grab
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विस्तार
रूस में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान ‘चेकमेट’ को एक एयर-शो में पेश किया गया। अमेरिकी एफ-35 विमानों को टक्कर देने वाले इस नए सुखोई जेट का मुआयना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने किया जो 2023 तक उड़ान भर सकेगा। हाइपरसोनिक गति से चलने वाले इस विमान को दुश्मन के रडार से ढूंढना तक मुश्किल होगा। रूस ने भारत व कुछ देशों को विमान खरीदी की पेशकश भी की है।
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यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन के प्रमुख यूरी स्लाइयूजर ने बताया कि अगले 15 वर्षों में रूस की योजना ऐसे 300 लड़ाकू विमान बनाने की है।
यानी यह विमान कीमत में भी कम होगा और इसे अत्याधुनिक रडार को चकमा देना आसान होगा। रूसी विमान निर्माताओं ने नए लड़ाकू जेट की प्रतिकृति का अनावरण करते हुए इसमें स्टील्थ क्षमताओं के साथ अन्य उन्नत विशेषताओं की जानकारी भी दी।
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इस मौके पर रूस ने भारत समेत अफ्रीकी देशों और वियतनाम व अर्जेंटीना को इसे बेचे जाने की संभावना जताते हुए इन देशों को नया ऑफर भी दिया। रूस के उप-प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव ने कहा, भारत रूसी हथियारों का बड़ा खरीददार है।
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कई मिसाइलें लगाई जा सकेंगी
रूसी विमान निर्माता कंपनी सुखोई ने कहा, इसका वितरण 2026 में शुरू हो सकता है। एक इंजन के इस विमान को सुखोई-57 की तकनीक पर बनाया गया है। सुखोई चेकमेट विमान अपने अंदर हथियारों को छिपाए रखता है जिससे उसके रडार पर पकड़े जाने की संभावना नहीं रहती है।
इसमें आर-73 एंटी एयर मिसाइल, आर-77 एंटी एयर मिसाइल और केएच-59 एमके एंटी शिप क्रू मिसाइल लगाई जा सकेगी। यही नहीं चेकमेट अपने हथियारों के जखीरे में मिसाइल के आकार के ड्रोन भी ले जा सकेगा। यह विमान 2.2 मैक की रफ्तार से 54 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकेगा।
भारत है रूसी हथियारों का बड़ा खरीददार
रूस को भारत द्वारा इस विमान को खरीदे जाने की काफी उम्मीद है। दरअसल, भारत रूसी हथियारों का बहुत बड़ा खरीदार है। भारत ने रूस की सुखोई और मिग कंपनियों से अब तक कई श्रेणी के फाइटर जेट खरीदे हैं। भारत अभी मिग-21, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 लड़ाकू विमान इस्तेमाल कर रहा है। इस विमान की मारक क्षमता करीब 3000 किमी है जिससे यह काफी लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम होगा।
एफ-35 से भी कम कीमत की संभावना
पांचवीं पीढ़ी का यह विमान अपनी इंजन की ताकत और हवाई कलाबाजी में बेजोड़ होगा। सुपरसोनिक स्पीड से उड़ान भरने में सक्षम यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान अमेरिका के एफ-35 विमान को जोरदार टक्कर देगा। रूसी अधिकारियों ने बताया कि एक सुखोई चेकमेट फाइटर जेट की कीमत करीब ढाई से तीन करोड़ डॉलर होगी जो हाल ही में भारत के खरीदे गए राफेल से भी काफी कम होगी।