फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Russia-Ukraine war US ambassador arrives in Berlin for another round of peace talks

Conflict: अब खत्म होगा रूस-यूक्रेन संघर्ष? शांति वार्ता के एक और दौर के लिए बर्लिन पहुंचे ट्रंप के राजदूत

Sun, 14 Dec 2025 10:28 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 14 Dec 2025 10:28 PM IST
सार

तीन साल से ज्यादा समय से चल रहे रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और यूरोप ने नई पहल की है। रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुश्नर बर्लिन पहुंचे। आइए जानते है कि क्या अब रूस-यूक्रेन संघर्ष थम जाएगा और अगर नहीं तो अभी भी क्या-क्या चुनौतियां बनी हुई है?

विज्ञापन
Russia-Ukraine war US ambassador arrives in Berlin for another round of peace talks
वोलोदिमीर जेलेंस्की, व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

तीन साल से ज्यादा समय से चल रहे रूस-यूक्रेन संघर्ष दिन-प्रतिदिन और खतरनाक रूप लेता हुआ दिख रहा है। ऐसे में अब दोनों तरफ से जारी हमलों के बीच इस संघर्ष को खत्म करने और एक समझौते को पक्का करने के मकसद से बातचीत के एक और दौर के लिए अमेरिकी दूत रविवार सुबह बर्लिन पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके जमाई जैरेड कुश्नर को बर्लिन शहर के बीचों-बीच देखा गया।

विज्ञापन

मामल में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि आने वाले दिनों में यूक्रेन, अमेरिका और यूरोपीय अधिकारी बर्लिन में कई बैठकें करेंगे। जेलेंस्की ने शनिवार रात देश को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रंप के दूतों और यूरोपीय नेताओं के साथ राजनीतिक समझौते पर चर्चा होगी ताकि युद्ध खत्म हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि शांति के लिए सबसे जरूरी है कि रूस फिर से यूक्रेन पर हमला न करे।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Bondi Shooting: पहले से थी ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों पर हमले की आशंका, नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को दी चेतावनी
विज्ञापन
विज्ञापन


शांति के लिए सामने हैं कई सख्त शर्तें
हालंकि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता इतना आसान नहीं रहने वाला है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हमेशा से ही शांति के लिए अपनी प्रमुख कुछ मांगों को जोर देते आए हैं। पुतिन ने अपनी शर्तों में कहा है कि यूक्रेन को डोनेट्स्क क्षेत्र के कुछ हिस्सों से अपनी सेना हटानी होगी और नाटो में शामिल होने की कोशिश छोड़नी होगी, जिसे यूक्रेन ने ठुकरा दिया है।

 

डोनेट्स्क को लेकर कहां फस रहा मामला?
वहीं रूस के विदेश सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि अगर डोनेट्स्क का हिस्सा शांति समझौते के तहत असैनिक क्षेत्र बनता भी है, तो वहां रूसी पुलिस और राष्ट्रीय गार्ड की मौजूदगी जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते में समय लग सकता है, क्योंकि अमेरिका की पेशकशों में रूस की मांगों के हिसाब से बदलाव किए गए थे, लेकिन यूक्रेन और यूरोपीय देशों ने उनमें फेरबदल किया, जो रूस को स्वीकार्य नहीं है।



ये भी पढ़ें:- Thailand-Cambodia War: थाई सरकार का दावा- कंबोडिया के रॉकेट हमले में नागरिक की मौत, क्यों और कैसे बढ़ा तनाव?

संघर्ष यूरोप के लिए कैसे बना सिर का दर्द?
दूसरी ओर रूस और यूक्रेन संघर्ष यूरोप के लिए भी सिर का दर्द बनता जा रहा है। इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि यूरोप में पैक्स अमेरिका का दौर अब लगभग खत्म हो गया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि पुतिन का उद्देश्य यूरोप में पुराने सोवियत संघ की सीमाओं को वापस लाना है। मर्ज ने कहा कि अगर यूक्रेन गिरता है, तो वह वहीं नहीं रुकेगा। हालांकि, पुतिन ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनका लक्ष्य सोवियत संघ को पुनर्स्थापित करना या किसी यूरोपीय सहयोगी पर हमला करना नहीं है।

अन्य वीडियो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed