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Russia Ukraine War: रूस ने अमेरिकी कांग्रेस के 398 सदस्यों पर लगाया प्रतिबंध, कीव के पास हथियार डिपो तबाह, यूक्रेनी नौसेना के सैनिकों का सरेंडर

Thu, 14 Apr 2022 02:25 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, मॉस्को/लवीव
एजेंसी, मॉस्को/लवीव Published by: देव कश्यप Updated Thu, 14 Apr 2022 02:25 AM IST
सार

इस साल 24 मार्च को रूस के 328 सांसदों के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने यात्रा प्रतिबंध लगाया था उसी के जवाब में रूस ने मेरिकी कांग्रेस के 398 सदस्यों को अपनी यात्रा प्रतिबंध की सूची में डाल दिया है।

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Russia Ukraine War: Russia puts 398 members of US Congress in travel ban list
जो बाइडन और पुतिन (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

रूस-यूक्रेन के बीच जंग को 48 दिन बीत चुके हैं। इस दौरान अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस की आर्थिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए उसपर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इसका जवाब देते हुए रूस ने अमेरिकी कांग्रेस के 398 सदस्यों को अपनी यात्रा प्रतिबंध की सूची में डाल दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।

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इस साल 24 मार्च को रूस के 328 सांसदों के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने यात्रा प्रतिबंध लगाया था उसी के जवाब में रूस ने यह कदम उठाया है। रूसी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा के 398 सदस्यों के खिलाफ जवाबी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
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मंत्रालय ने कहा कि रूस निकट भविष्य में अपनी यात्रा प्रतिबंध सूची को और विस्तार करने की योजना बना रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन को नई सैन्य सहायता के रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन द्वारा तोपें और हेलीकॉप्टर सहित 80 करोड़ डॉलर की मंजूरी देने के बाद रूस द्वारा यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा रूस ने कनाडा की सीनेट के 87 सदस्यों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।
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कीव के पास हथियार डिपो तबाह
यूक्रेन जंग के 49वें दिन रूस ने कीव में दो हथियार डिपो को तबाह कर दिया है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस के आक्रमण को ‘नरसंहार’ करार दिया। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर फास्फोरस बमों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।

यूक्रेनी नौसेना के 1026 से ज्यादा सैनिकों का सरेंडर
मैरियूपोल में घेरे गए बंदरगाह में यूक्रेन की 36 मैरीन ब्रिगेड के 1026 सैनिकों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें 162 अधिकारी हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि महत्वपूर्ण पूर्वी डोनबास क्षेत्र अभी कब्जे में नहीं आया है। अजोवस्तल औद्योगिक जिले पर कब्जे के बाद रूस का मरियूपोल पर पूरा नियंत्रण हो जाएगा। अजोव पोर्ट पर कब्जे के बाद रूसी सेना अलगाववादियों के नियंत्रण वाले पूर्वी क्षेत्र और क्रीमिया के बीच जमीनी संपर्क स्थापित कर सकेगी। इसे उसने 2014 में कब्जा करने के बाद जोड़ा था। आक्रमण के बाद मरियूपोल रूसी आधिपत्य वाला पहला बड़ा शहर होगा। औद्योगिक क्षेत्र डोनबास पर कब्जे से इस युद्ध का भविष्य तय होगा।

रूसी नेता गिरफ्तार, जेलेंस्की ने रखी यूक्रेनियों की रिहाई की शर्त
यूक्रेन की खुफिया एजेंसी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के करीबी नेता विक्टर मेदवेदचुक को गिरफ्तार कर लिया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने विक्टर की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेलेंस्की ने रूस के सामने एक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने पुतिन से कहा, आप मेदवेदचुक को सुरक्षित चाहते हैं तो बंधक बनाए गए यूक्रेन के नागरिकों को आजाद कर दें। विक्टर रूस में विपक्षी मंच लाइफ पार्टी के नेता हैं और फरवरी में वह घरेलू नजरबंदी से भाग निकले थे। उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया गया था।

माता-पिता को बचाने जान हथेली पर रख जापान से यूक्रेन पहुंची महिला
टोक्यो। रूसी हमले के बाद यूक्रेन के लाखों लोग जब जान बचाने के लिए देश छोड़ रहे थे, तब टोक्यो की साशा कावेरिना खारकीव में रह रहे अपने माता-पिता को बचाने के लिए जान हथेली पर रखकर जापान से यूक्रेन चली गईं। खारकीव में एक 16 मंजिला इमारत को रूस ने बुरी तरह क्षति पहुंचाई लेकिन कावेरिना के माता-पिता बाल-बाल बच गए और रिश्तेदारों के साथ उन्हें घर छोड़ना पड़ा। कावेरिना यूक्रेन पहुंची और माता-पिता को रोमानिया सीमा से लगे दक्षिण-पश्चिमी यूक्रेन के चेर्निवित्सी शहर में ले गईं। साशा ने कहा, यूक्रेन के निवासी बेहद चिंतित हैं क्योंकि रूसी कब्जे के बाद वे मारे जाएंगे।

रूस का युद्ध ‘नरसंहार’ है, यूक्रेनियों का नामोनिशान मिटा रहा : बाइडन
डेस मोइनेस। यूक्रेन युद्ध के 49वें दिन राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस के इस युद्ध को ‘नरसंहार’ करार दिया। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर ‘यूक्रेनी होने के विचार तक को मिटाने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया। उधर, पुतिन ने यूक्रेन के मददगार देशों को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।

बाइडन ने वाशिंगटन लौटने से पहले आयोवा में पत्रकारों से कहा, ‘हां, मैंने इसे नरसंहार करार दिया है।’ वह आयोवा के मेनलो में एक कार्यक्रम में युद्ध के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बारे में बोल रहे थे। इससे पहले बाइडन ने रूसी कार्रवाई को ‘युद्ध अपराध’ कहा था। बाइडन के नए आकलन के बीच न तो उन्होंने और न ही उनके प्रशासन ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाने अथवा यूक्रेन अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बाइडन की टिप्पणियों की सराहना की। उन्होंने ट्वीट किया, एक सच्चे नेता के सच्चे शब्द। हम अमेरिका से अब तक मिली मदद के आभारी हैं। जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि जो भी देश इस वक्त यूक्रेन का साथ दे रहे हैं उन्हें इसका अंजाम भुगतना होगा।


रूसी कृत्यों के सुबूत सामने आ रहे
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, यह तय करना वकीलों का काम है कि रूसी कार्रवाई नरसंहार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाती है या नहीं। उन्होंने कहा, रूस ने यूक्रेन में जो भयानक कृत्य किए हैं, उनसे जुड़े और सुबूत सामने आ रहे हैं। हमें विनाश के बारे में और जानकारियां मिल रही हैं। शेष काम वकीलों का है कि वह इसे ‘नरसंहार’ साबित करें।

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