{"_id":"5c6a82c5bdec22270f4fd56f","slug":"russia-sending-children-of-jihadis-to-their-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएस जिहादियों के बच्चों को अपने देश भेज रहा है रूस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
आईएस जिहादियों के बच्चों को अपने देश भेज रहा है रूस
Mon, 18 Feb 2019 07:05 PM IST
संदीप भट्ट
भाषा, मास्को
भाषा, मास्को
Published by: संदीप भट्ट
Updated Mon, 18 Feb 2019 07:05 PM IST
विज्ञापन
isis
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीरिया में आईएस के गढ़ का अंत तो करीब दिखता प्रतीत हो रहा है लेकिन ‘जिहादियों’ के परिजन का भविष्य एक मुद्दा बन गया है। ऐसे में रूस को इन लड़ाकों के बच्चों को व्यवस्थित ढंग से अपने देश भेजने में पथ-प्रदर्शक की भूमिका निभाते देखा जा सकता है।
विज्ञापन
आईएस की खिलाफत में रह रहीं कई विदेशी महिलाओं और उनके बच्चों की संभावित घर वापसी रूस में चर्चा का विषय बन गयी है, क्योंकि कुछ सुरक्षा प्रमुख इसे संभावित खतरे के तौर पर देख रहे हैं। इनमें से अधिकतर बच्चों का जन्म वहीं हुआ है।
विज्ञापन
इस महीने चार से 13 साल की उम्र के 27 बच्चों को विमान के जरिये इराक से मास्को क्षेत्र भेजा गया। खिलौना थामे और जैकेट पहने ये मासूम बच्चे मरुभूमि में बिताये समय के बाद अब रूस की सर्दी का सामना करने के लिये मालवाहक विमान से आ रहे हैं।
विज्ञापन
चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें रूस के उत्तर कॉकेशिया में रहने वाले उनके चाचा, चाची और दादा-दादी या नाना-नानी की देखरेख में भेज दिया जायेगा। दक्षिणी रूस का उत्तर कॉकेशिया क्षेत्र मुस्लिम बहुल इलाका है। यह क्षेत्र उन अधिकतर रूसी नागरिकों का घर बन गया है जो इस्लामिक स्टेट संगठन में शामिल हुए थे।
दिसंबर अंत में 30 अन्य बच्चों को वापस लाया गया था। चेचन्या नेता रमजान कादिरोव के सलाहकार खेड़ा सारातोवा ने कहा कि इन बच्चों को स्कूल भेजा जायेगा। कार्यकर्ता उनके साथ काम करेंगे तथा वहां रहने के दौरान वे किन परिस्थितियों से गुजरे और उन्हें कैसी शिक्षा दी गयी इस बारे में उनसे बात करेंगे।
समझा जाता है कि चेचन्या के नेताओं ने इनकी घर वापसी की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभायी। सारातोवा ने बताया कि करीब 200 बच्चों को रूस लाया गया है लेकिन 1,400 बच्चे अब भी इराक और सीरिया में फंसे हुए हैं।