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बयान: पुतिन ने क्यों किया परमाणु सेना को अलर्ट और क्या जेलेंस्की ने छोड़ दिया कीव? रूस में भारतीय मूल के विधायक ने बताया सच
Mon, 28 Feb 2022 08:49 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 28 Feb 2022 08:49 PM IST
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रूस के कुर्स्क से विधायक अभय कुमार सिंह।
- फोटो :
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विस्तार
रूस की तरफ से यूक्रेन के खिलाफ छेड़े गए युद्ध को अब पांच दिन हो चुके हैं। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी परमाणु सेना को तैयार रहने के निर्देश दे दिए हैं। साथ ही वे इस मुद्दे पर नाटो देशों को भी लगातार धमकियां दे रहे हैं। जहां कई देशों ने पुतिन के इस रवैये को लेकर चिंता जताई है तो अब वहीं अब रूसी राष्ट्रपति के राजनीतिक दल से जुड़े भारतीय मूल के विधायक अभय कुमार सिंह ने इस मुद्दे पर जानकारी दी है। एक टीवी चैनल को दिए बयान में उन्होंने बताया कि आखिर क्यों रूस ने यूक्रेन के खिलाफ जंग छेड़ी और क्यों दोनों देशों के बीच जारी युद्ध इतना लंबा खिंच गया है।क्या बोले पुतिन की पार्टी के विधायक?
रूस के कुर्स्क से विधायक अभय कुमार ने रूस की ओर से यूक्रेन पर हमले की वजह बताते हुए कहा, "मान लीजिए अगर चीन बांग्लादेश या किसी और पड़ोसी देश में अपना सैन्य अड्डा बना दे तो भारत कैसी प्रतिक्रिया देगा। भारत को यह बिल्कुल पसंद नहीं आएगा।"
'नाटो की हरकतों की वजह से लिया गया है फैसला'
सिंह ने कहा, "नाटो का निर्माण ही हुआ था सोवियत संघ के खिलाफ। जब सोवियत संघ टूट गया, तब भी नाटो नहीं टूटा। वो धीरे-धीरे हमारे बॉर्डर तक चला आया। यूक्रेन का बॉर्डर हमारे काफी करीब है। ऐसे में अगर नाटो की सेना को हमारे पड़ोस में बुला रहे हैं तो यह उनकी तरफ से बहुत बड़ा उल्लंघन है। इसके लिए हमारे राष्ट्रपति को कुछ न कुछ तो करना था। इसलिए हमारे राष्ट्रपति और संसद ने एक फैसला लिया।"
पुतिन के परमाणु सेना को तैयार रखने वाले बयान का क्या अर्थ?
रूसी विधायक ने पुतिन के एलान को लेकर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा, "परमाणु हथियार से डरने की कोई बात नहीं है। क्योंकि हमारे राष्ट्रपति ने जो एलान किया है कि अगर कोई दूसरा देश हमारे ऊपर हमला करता है तो ही उसका जवाब देने के लिए हमने अपनी परमाणु सेना को तैयार रखने के लिए कहा है। ये यूक्रेन के लिए नहीं है।
उन्होंने कहा, "हम परमाणु हथियारों का अभ्यास नहीं कर रहे। हमने सिर्फ उन्हें अलर्ट रहने के लिए कहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी सेना किसी पर हमला करने जा रही है। यह सिर्फ इसलिए है कि अगर कोई हम पर हमला करे तो उस पर जवाबी कार्रवाई की जा सके।"
यूक्रेन में रूसी सेना का अभियान क्यों अटका?
अभय कुमार सिंह के मुताबिक, "हमें जो यूक्रेन में सैन्य अभियान में समय लग रहा है, इसमें वहां की आम जनता को सुरक्षित रखने और सैन्य अभियान को पूरा करने के लिए इतना टाइम लग रहा है रूस की तरफ से।"
'राजधानी कीव छोड़कर भाग चुके हैं जेलेंस्की'
रूसी विधायक ने कहा, "यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की ओर से भेजे गए डेलिगेशन के साथ रूस की बैठक चल रही है। अगर मीटिंग में कोई रास्ता निकलता है तो ये सबसे अच्छा रास्ता है जेलेंस्की के पास। अगर कोई हल नहीं निकलता है, तो हमारे पास कुछ दिन पहले ही जानकारी आई थी कि वो कीव छोड़कर जा चुके हैं और वे रिकॉर्ड किए हुए वीडियो तारीख बदलकर डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि राष्ट्रपति बदला जाए। अभी जो सरकार वहां चल रही थी वह कठपुतली सरकार थी। इनका अपना कोई डिसीजन नहीं था। इनकी स्थानीय जनता को कोई नहीं सुनता था। वो चुने हुए राष्ट्रपति जरूर हैं, लेकिन उनके फैसले लोकतांत्रिक नहीं हैं।"