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सोशल मीडिया: फेसबुक और ट्विटर पर रूस की सरकार ने दिखाई सख्ती
Fri, 27 Aug 2021 06:30 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 27 Aug 2021 06:30 PM IST
सार
गुरुवार को रूस की इंटरनेट निगरानी करने वाली संस्था रोस्कोमनाद्जोर ने एक बयान जारी किया। इसमें बताया गया कि मास्को के तागान्स्की स्थित कोर्ट ने ये जुर्माना लगाने का फैसला दिया है। जुर्माना ट्विटर, ह्वाट्सऐप और फेसबुक पर लगाया गया है। व्हाट्सएप की मालिक फेसबुक इंक कंपनी ही है...
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व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
रूस सरकार ने तीन सोशल मीडिया साइटों पर भारी जुर्माना लगा दिया है। इन साइटों पर यूजर्स के निजी डाटा को रूस के ही अंदर रखने के नियम का उल्लंघन करने का दोषी ठहराया गया है। ये तीनों साइट की मालिक कंपनियां अमेरिकी हैं। विश्लेषकों का कहना है कि रूस सरकार के इस ताजा फैसले से अमेरिका के साथ रूस के टकराव में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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गुरुवार को रूस की इंटरनेट निगरानी करने वाली संस्था रोस्कोमनाद्जोर ने एक बयान जारी किया। इसमें बताया गया कि मास्को के तागान्स्की स्थित कोर्ट ने ये जुर्माना लगाने का फैसला दिया है। जुर्माना ट्विटर, ह्वाट्सऐप और फेसबुक पर लगाया गया है। व्हाट्सएप की मालिक फेसबुक इंक कंपनी ही है।
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रोस्कोमनाद्जोर ने अपने बयान में कहा- ‘कोर्ट के आदेश के तहत व्हाट्सएप पर 40 लाख रुबल (54 हजार डॉलर), फेसबुक पर डेढ़ करोड़ रुबल (लगभग दो लाख डॉलर) और ट्विटर पर एक करोड़ 70 लाख रुबल (लगभग दो लाख 30 हजार डॉलर) का जुर्माना लगाया गया है। इन कंपनियों ने निजी डाटा रूस में ही रखने के नियम का बार-बार उल्लंघन किया, जिस वजह से उन पर ये कार्रवाई हुई है।’
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रूस ने डेटा संबंधी नियम 2015 में लागू किए थे। उसमें प्रावधान है कि टेक कंपनियों को रूसी यूजर्स के डेटा की प्रोसेसिंग रूस में ही करनी होगी। इसके लिए उन्हें अपना सर्वर रूस में लगाना होगा। रूस सरकार ने कहा था कि ये नियम रूसी यूजर्स की प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए लागू किए गए हैं। इसके मुताबिक हर बाहरी कंपनी को रूस के अंदर अपना दफ्तर बनाना होगा। उनमें ऐसे अधिकारी नियुक्त करने होंगे, जिन्हें उल्लंघन की स्थिति में जवाबदेह ठहराया जा सके।
आलोचकों का कहना है कि रूस के ये नियम यूजर्स की गोपनीयता को भंग करने वाले हैं। जिन कंपनियों पर जुर्माना लगा है, उन्होंने इन नियमों का पालन नहीं किया। वे रूसी यूजर्स के डाटा की प्रोसेसिंग विदेशों में स्थित अपने सर्वरों से करती रहीं। रोस्कोमनाद्जोर ने कहा है कि ट्विटर और फेसबुक लगातार इन नियमों की अनदेखी कर रही हैं। इस कारण उन्हें पहले भी जुर्माना लगाया था। लेकिन ट्विटर ने उस जुर्माने को चुकाने की जरूरत भी नहीं समझी। रोस्कोमनाद्जोर के मुताबिक जबकि दूसरी कई बड़ी कंपनियों ने रूस के नियमों का पालन किया है। उनमें एपल, माइक्रोसॉफ्ट, एलजी, सैमसंग, पे-पाल, बुकिंग.कॉम आदि शामिल हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन काफी समय अमेरिकी कंपनियों से खफा हैं। उन्होंने कुछ समय पहले कहा था कि ये कंपनियां जवाबदेही से मुक्त रहते हुए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा था कि इन कंपनियों का मकसद मुनाफा कमाना है। ऐसा करते हुए वे इस बात की बिल्कुल फिक्र नहीं करती कि उनकी वजह से लोगों को नुकसान पहुंच सकता है।
पिछले कुछ महीनों से रूस के इंटरनेट विनियामक ने ट्विटर साइट की गति को धीमा कर रखा है। उसने कहा था कि ट्विटर ने कई ऐसे कंटेंट नहीं हटाए, जिसके लिए उसे आदेश दिया गया था। अब ताजा कार्रवाई में भारी जुर्माना लगाया गया है। इससे अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया पेच पड़ सकता है।