स्थानीय चुनाव: नेपाली कांग्रेस ने अपनाई एकला चलो की राह, माओवादियों की मंशा पर फिरा पानी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नेपाली कांग्रेस में देउबा विरोधी नेता शेखर कोइराला और गगन थापा चुनावी गठबंधन के खिलाफ रहे हैं। थापा पार्टी के महासचिव भी हैं। विश्लेषकों का कहना है कि देउबा की बड़ी चिंता अपनी सरकार की स्थिरता रही है। वे नहीं चाहते कि पांच दलों के सत्ताधारी गठबंधन में कोई फूट पड़े...
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स्थानीय चुनावों के लिए सत्ताधारी नेपाली कांग्रेस ने अपनी गठबंधन नीति का एलान कर दिया है। इसे सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दोनों कम्युनिस्ट पार्टियों के लिए तगड़ा झटका समझा गया है। नेपाली कांग्रेस ने फैसला किया है कि 13 मई को होने वाले स्थानीय चुनावों में गठबंधन करने का फैसला पार्टी की स्थानीय इकाइयां वहां की स्थिति और जरूरत के मुताबिक करेंगी। यानी पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर कोई गठबंधन न करने का फैसला किया है।
पुष्प कमल दहल के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) और माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट) राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन बनाने पर जोर डाल रही थीं। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा इस मांग से सहमत थे। उन्होंने पार्टी कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन बनाने की वकालत की। लेकिन वे अपनी बात मनवाने में नाकाम रहे। देउबा चाहते थे कि दोनों कम्युनिस्ट पार्टियों के अलावा सत्ताधारी गठबंधन में शामिल एक अन्य दल जनता समाजवादी पार्टी से भी नेपाली कांग्रेस चुनावी गठजोड़ करे।
देउबा की बड़ी चिंता अपनी सरकार की स्थिरता
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नेपाली कांग्रेस में देउबा विरोधी नेता शेखर कोइराला और गगन थापा चुनावी गठबंधन के खिलाफ रहे हैं। थापा पार्टी के महासचिव भी हैं। विश्लेषकों का कहना है कि देउबा की बड़ी चिंता अपनी सरकार की स्थिरता रही है। वे नहीं चाहते कि पांच दलों के सत्ताधारी गठबंधन में कोई फूट पड़े। लेकिन अब नेपाली कांग्रेस को संघीय सरकार में अपने सहयोगी दलों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरना पड़ेगा।
अब माओइस्ट सेंटर पार्टी के विपक्षी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) से गठबंधन कर लेने की संभावना भी बढ़ गई है। ऐसा होने पर नेपाली कांग्रेस के लिए चुनौती बढ़ जाएगी। 2017 के स्थानीय चुनावों में यूएमएल को 45.21 फीसदी सीटें मिली थीं। उसे 36.82 फीसदी वोट मिले थे। सीट और वोट प्रतिशत दोनों लिहाज से यूएमएल सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी। आज भी उसके जनाधार को मजबूत समझा जाता है।
माओइस्ट सेंटर पार्टी को इनाम देना चाहते थे देउबा
नेपाली कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि अब पार्टी की स्थानीय इकाइयां जल्द ही अपने स्तर पर संभावित गठबंधनों को अंतिम रूप देंगी। इस बारे में फैसला करने के लिए प्रांत, जिला और स्थानीय स्तरों पर पार्टी की विशेष कमेटियां बनाई जाएंगी। पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति के एक सदस्य ने अखबार काठमांडू पोस्ट से कहा- ‘देउबा के राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन चाहने के कई कारण थे। इनमें एक यह भी है कि वे माओइस्ट सेंटर पार्टी को इनाम देना चाहते थे, जिसने अमेरिकी संस्था मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन से 50 करोड़ डॉलर की मदद लेने के लिए हुए करार का संसदीय अनुमोदन कराने में उनकी मदद की थी।’
लेकिन पार्टी के अंदर देउबा विरोधी धड़े मजबूत साबित हुए। नेपाली कांग्रेस के नेताओं ने स्वीकार किया है कि स्थानीय चुनावों में यूएमएल पार्टी से उन्हें तगड़ी चुनौती मिलेगी। पार्टी के देउबा समर्थक धड़े की यह राय भी रही है कि नेपाली कांग्रेस, माओइस्ट सेंटर या यूनिफाइड सोशलिस्ट में से कोई भी अकेले यूएमएल को हराने की स्थिति में नहीं है। लेकिन ये धड़ा शेखर कोइराला और गगन थापा के गुटों को समझाने में नाकाम रहा।