डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी के आगरा जाने पर संशय, धार्मिक आजादी पर दोनों नेता करेंगे चर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया को ताजमहल का दीदार कराने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगरा जाने पर संशय बना हुआ है। भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अभी इस पर कोई विचार नहीं किया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप और मेलानिया के साथ कोई भारतीय गणमान्य नेता या वरिष्ठ अधिकारी आगरा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक धार्मिक स्वतंत्रता पर भी ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बातचीत हो सकती है। ट्रंप नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का भी मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठा सकते हैं।
सीएए और एनआरसी को लेकर अमेरिका चिंतित
व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थानों का बहुत सम्मान करता है। भारत दौरे से पहले अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपने भारत दौरे पर ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर भी बात करेंगे, जो अमेरिकी प्रशासन के लिए बेहद अहम है। अधिकारी का कहना है कि ट्रंप पीएम मोदी के साथ बातचीत में साझा लोकतंत्र, व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वतंत्रता की भी बात करेंगे।
अधिकारी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर अमेरिका चिंतित है। ट्रंप अपनी यात्रा के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता के साथ ही सीएए और एनआरसी का मुद्दा भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएंगे।
ट्रंप के साथ 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रहेगा साथ
ट्रंप की इस यात्रा में उनके साथ 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। इस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओब्रायन, वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस, डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका उनके पति तथा अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनेर शिष्टमंडल में शामिल होंगे। यह जानकारी अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को दी।
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के अन्य आठ सदस्य में भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर, ऊर्जा सचिव डैन ब्रोइलेट, व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मिक मुलवेनी, व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार स्टीफन मिलर, व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया मैनेजर डैन स्काविनो, प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प के अधिकारी लिंडसे रेनॉल्ड्स, व्हाइट हाउस के सलाहकार रॉबर्ट ब्लेयर और व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रिशम शामिल हैं।
द्विपक्षीय बैठकों में ये विशिष्ट लोग होंगे शामिल
द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने वाले लोगों में अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एडम एस बोहलर, फेडरल संचार आयोग के अध्यक्ष अजीत पई, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में दक्षिण और मध्य एशिया के वरिष्ठ निदेशक लिसा कर्टिस और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के शीर्ष अधिकारी काश पटेल के नाम शामिल हैं।
ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया का भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली 25 फरवरी को पहुंचेंगे, यहां व्यापक कार्यक्रम होगा। सूत्रों के मुताबिक, समझौतों के आदान-प्रदान के अलावा कई बैठकें और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताएं होंगी।
ट्रंप नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास भी जाएंगे
सूत्रों के मुताबिक ट्रंप नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास भी जाएंगे। बैठक के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के साथ ट्रंप राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा आयोजित भव्य रात्रिभोज में शिरकत करेंगे।
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं। उनकी यात्रा 24 और 25 फरवरी को होगी। इस दौरान ट्रंप गुजरात के अहमदाबाद के अलावा दिल्ली और आगरा भी जाएंगे। बताए गए यात्रा कार्यक्रम के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप 25 फरवरी को रात 10 बजे के आसपास अपनी विशेष उड़ान से संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए रवाना होंगे।
12-member delegation accompanying US President Trump to India to include Assistant to the President and Chief of Staff to the First Lady Robert Blair,Assistant to President&Special Representative for International Telecommunication Policy and Senior Advisor to the Chief of Staff.
— ANI (@ANI) February 22, 2020
भारत-पाकिस्तान से शांति बनाए रखने की अपील करेंगे ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दो दिवसीय भारत यात्रा से पहले अमेरिका के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा है कि ट्रंप भारत और पाकिस्तान से क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास करने की अपील करेंगे। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अधिकारी ने कहा कि हम मानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी सफल वार्ता का आधार आतंकियों और उग्रवादियों पर नकेल कसने के प्रयासों पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति दोनों देशों से आग्रह करेंगे कि नियंत्रण रेखा पर शांति औऱ स्थायित्व बनाए रखने के प्रयास किए जाएं और दोनों देश ऐसी किसी भी कार्रवाई या बयान देने से बचें जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका हो।