पाकिस्तान: जनता को भड़काने के आरोप में सेना का रिटायर्ड जनरल गिरफ्तार, तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अमजद शोएब के खिलाफ रविवार को रमना पुलिस थाने में मजिस्ट्रेट ओवैस खान द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके अगले दिन की सुबह इस्लामाबाद पुलिस ने उन्हें उनके आवास से हिरासत में ले लिया।
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पाकिस्तानी सेना के एक उच्च पदस्थ सेवानिवृत्त जनरल को राष्ट्रीय संस्थानों के खिलाफ जनता को भड़काने के आरोप में सोमवार सुबह गिरफ्तार किया गया।
तीन की पुलिस हिरासत में सेना का पूर्व अधिकारी
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थक माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अमजद शोएब के खिलाफ रविवार को रमना पुलिस थाने में मजिस्ट्रेट ओवैस खान द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके अगले दिन की सुबह इस्लामाबाद पुलिस ने उन्हें उनके आवास से हिरासत में ले लिया। उन्हें इस्लामाबाद की एक अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने आरोपों की जांच के लिए उनकी सात दिन की हिरासत मांगी थी।
अमजद शोएब के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज
प्राथमिकी पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (सार्वजनिक शरारत को बढ़ावा देने वाले बयान) पर आधारित है। प्राथमिकी के अनुसार, सेवानिवृत्त जनरल ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान लोगों को संस्थानों के खिलाफ विद्रोह करने के लिए उकसाया।
'संस्थानों के खिलाफ विद्रोह के लिए उकसाया'
प्राथमिकी में कहा गया था कि सेवानिवृत्त जनरल ने शनिवार को प्रसारित बोल टीवी शो में एक इंटरव्यू में ऐसे बयान दिए, जो सरकारी अधिकारियों और विपक्ष को अपनी सरकार और कानूनी कर्तव्यों का पालन करने के लिए उकसाते हैं। प्राथमिकी के अनुसार, सेवानिवृत्त जनरल ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान लोगों को संस्थानों के खिलाफ विद्रोह करने के लिए उकसाया।
'इमरान को दी रणनीति तैयार करने की सलाह'
मजिस्ट्रेट ने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी ने पीटीआई (इमरान खान की पार्टी) को एक रणनीति तैयार करने की सलाह दी थी। प्राथमिकी के अनुसार, सेवानिवृत्त जनरल ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान लोगों को संस्थानों के खिलाफ बगावत करने के लिए उकसाया।
वर्षों से टीवी टॉक-शो में नियमित चेहरा रहे शोएब
प्राथमिकी में शोएब के हवाले से आगे कहा गया है, "उदाहरण के लिए आप लोगों को इस्लामाबाद में सरकारी कार्यालयों में जाने से रोक सकते हैं।" शोएब पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान में टीवी टॉक-शो में एक नियमित चेहरा रहे हैं और अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं।
पिछले साल संघीय जांच एजेंसी ने किया था तलब
इससे पहले संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने उन्हें पिछले साल सात सितंबर को पेश होने के लिए तलब किया था, क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और एक इजरायली टीम के बीच बैठक हुई है। हालांकि, वह साइबर अपराध शाखा के समक्ष पेश नहीं हुए थे। खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के छह वरिष्ठ नेताओं सहित 80 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को बुधवार को 'जेल भरो तहरीक' की घोषणा के बाद गिरफ्तार किया गया था।