पांच करोड़ साल पुराना स्पर्म मिला, खुलेंगे जीवन के राज
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अंटार्कटिका के सुदूर इलाके में वैज्ञानिकों को स्पर्म का जीवाश्म मिला है जो पांच करोड़ साल पुराना बताया जा रहा है। ये जीवाश्म रुपी स्पर्म 50 मिलियन साल पुराने क्लीटेलाटा काकून यानी कृमि के अंदर पाया गया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ये संभवत सबसे पुराना जीव स्पर्म है जो कृमियों की उत्पत्ति के कई राज खोल सकेगा।
क्लीटेलाटा कृमि केंचुओं, रेशम के कीड़ों और जोंक की प्रजाति से संबंध रखते हैं। वैज्ञानिकों को ये कृमि एक दीवार के अंदर गड़ा हुआ मिला। इसके अलावा वैज्ञानिकों को कहना है कि ये जीवाश्म आज के समय की क्रेफिश के जैसा दिखता है।
ऐसा मानना है कि इस तरह के जीवाश्म के मिलने से 50 मिलियन साल पहल इस तरह के कीड़ों के उद्भभव के बारे में अंदाजा लग सकेगा जोकि एक बड़ी उपलब्धि होगी। ये सभी क्लीटेलाटा काकून जीवाश्म अंटार्कटिका के मारामबियो दीपे के ला मासेटा फॉरमेशन में सुरक्षित गए हैं।
एक्से-रे टोमोग्राफी की मदद से की सैम्पल की जांच
काकून के गर्भ के भीतर स्पर्म और अंडे भी मिले है जिन्हें वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रोन माइक्रोसेकोपी की लाइट और स्केनिंग तकनीक की मदद से खोजा। इसके अलावा एक्से-रे टोमोग्राफी की मदद से सैम्पल की जांच की गई। कार्बन एजिंग तकनीक की मदद से पाया गया कि काकून का स्पर्म करीब 50 मिलियन वर्ष पुराना है।
पिछले साल ही वैज्ञानिकों को साफ पानी में रहने वाली एक झींगा मछली का जीवाश्मिकृत स्पर्म मिला था। ये जीवाश्म भी 17 मिलियन साल पुराना था। ऐसा माना जा रहा था कि ये दुनिया का सबसे बड़े आकार का जीवाश्म रुपी स्पर्म है। ये जीवाश्म आकार में काफी बड़ा था और जिसे अंदाजा लगाया गया था कि ये स्पर्म किसी जानवर का हो सकता है।