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बोको हराम की कैद से चिबोक लड़की ने क्यों किया आजाद होने से इंकार
amarujala.com- Submitted by: आनंद
Updated Sat, 13 May 2017 10:54 AM IST
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नाइजीरिया के राष्ट्रपति ने कहा है कि इस्लामी चरमपंथी समूह बोको हराम ने जिन लड़कियों का अपहरण किया था उनमें से एक चिबोक लड़की ने आजाद होने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि लड़की ने आजाद होने की बजाय अपने पति से साथ रहना चुना है।
ये शनिवार को बोको हराम की चुंगल से छुड़ाई गई लड़कियों में से एक हैं। राष्ट्रपति मोहमदू बुहारी के प्रवक्ता गार्बा शेहू ने स्थानीय टीवी चैनल्स को बताया कि उस लड़की ने कहा, "मैं जहां हूं वहीं खुश हूं। मुझे पति मिल गया है।" बोको हराम ने तीन साल पहले देश के उत्तर पूर्वी इलाके से 276 लड़कियों को अगवा किया था।
इस इलाके में बगावत के दौरान बोको हराम ने कई और लोगों को भी अगवा किया था। सरकार इस बात पर राजी हुई थी कि इनके बदले वो पकड़े गए बोको हराम के कुछ सदस्यों को रिहा करेगी। लेकिन कितने सदस्यों को छोड़ा जाना है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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ये शनिवार को बोको हराम की चुंगल से छुड़ाई गई लड़कियों में से एक हैं। राष्ट्रपति मोहमदू बुहारी के प्रवक्ता गार्बा शेहू ने स्थानीय टीवी चैनल्स को बताया कि उस लड़की ने कहा, "मैं जहां हूं वहीं खुश हूं। मुझे पति मिल गया है।" बोको हराम ने तीन साल पहले देश के उत्तर पूर्वी इलाके से 276 लड़कियों को अगवा किया था।
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इस इलाके में बगावत के दौरान बोको हराम ने कई और लोगों को भी अगवा किया था। सरकार इस बात पर राजी हुई थी कि इनके बदले वो पकड़े गए बोको हराम के कुछ सदस्यों को रिहा करेगी। लेकिन कितने सदस्यों को छोड़ा जाना है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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सरकार ने लड़कियों के नाम ट्विटर पर पोस्ट किए हैं
माना जा रहा है कि सौ से अधिक लड़कियां अब भी चरमपंथियों की कैद में हैं। ऐसी खबरे हैं कि जो लड़कियां अगवा की गई थीं उनमे से कुछ ने बोको हराम के लड़ाकों से शादी कर ली और अब उनके बच्चे भी हैं।
चिबोक लड़कियों के माता-पिता को धीरे-धीरे उनकी बेटियों के बारे में बताया जा रहा है। सरकार ने लड़कियों के नाम ट्विटर पर पोस्ट किए हैं लेकिन चिबोक में सोशल मीडिया की पहुंच सब लोगों तक नहीं है।
शेहु का कहना है कि लड़कियों की पहचान की जा रही है ताकि जल्द से जल्द उन्हें उनके परिवारों से मिलाया जा सके। #ब्रिंगबैकअवरगर्ल्स अभियान की संयोजक आयशा यसुफू ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि वो इन लड़कियों के उनके माता-पिता से मिलाने के काम में जुटे हुए हैं।
चिबोक लड़कियों के माता-पिता को धीरे-धीरे उनकी बेटियों के बारे में बताया जा रहा है। सरकार ने लड़कियों के नाम ट्विटर पर पोस्ट किए हैं लेकिन चिबोक में सोशल मीडिया की पहुंच सब लोगों तक नहीं है।
शेहु का कहना है कि लड़कियों की पहचान की जा रही है ताकि जल्द से जल्द उन्हें उनके परिवारों से मिलाया जा सके। #ब्रिंगबैकअवरगर्ल्स अभियान की संयोजक आयशा यसुफू ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि वो इन लड़कियों के उनके माता-पिता से मिलाने के काम में जुटे हुए हैं।