{"_id":"5ea23c5a8ebc3e90701b7ad1","slug":"un-chief-general-antonio-guterres-extends-wishes-to-muslims-over-beginning-of-ramadan","type":"story","status":"publish","title_hn":"#CoronaLockdown: इस वर्ष रमजान भी एक इम्तिहान- संयुक्त राष्ट्र प्रमुख","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
#CoronaLockdown: इस वर्ष रमजान भी एक इम्तिहान- संयुक्त राष्ट्र प्रमुख
Fri, 24 Apr 2020 06:39 AM IST
संदीप भट्ट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: संदीप भट्ट
Updated Fri, 24 Apr 2020 06:39 AM IST
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
- फोटो : social media
महामारी के बीच दुनियाभर के मुसलमान इस वर्ष रमजान को बहुत अलग ढंग से देख रहे हैं। मौजूदा हालात में रमजान के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि आतिथ्य और उदारता की इस्लामी परंपरा ऐसे समय में एक सबक है जब संघर्षरत क्षेत्रों के लोगों और संवेदनशील आबादी को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ते हैं।
गुटेरस ने कहा, सबसे पवित्र माह रमजान में मुसलमान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं। यह निश्चित रूप से बहुत ही अलग रमजान होगा। स्वाभाविक तौर पर सामुदायिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।
उन्होंने कहा कि रमजान सबसे कमजोर लोगों को सहयोग देने के लिए है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मुस्लिम विश्व में सरकारों और लोगों की प्रशंसा की जो आतिथ्य सत्कार और उदारता की सर्वोच्च इस्लामी परंपरा का पालन करते हुए संघर्षरत क्षेत्रों से भागने वाले लोगों की मदद करके अपने धर्म का अनुसरण करते हैं। उन्होंने कहा, यह महामारी एक मानवीय संकट है जो तेजी से मानवाधिकार संकट बनती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुटेरस ने कहा, सबसे पवित्र माह रमजान में मुसलमान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं। यह निश्चित रूप से बहुत ही अलग रमजान होगा। स्वाभाविक तौर पर सामुदायिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रमजान सबसे कमजोर लोगों को सहयोग देने के लिए है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मुस्लिम विश्व में सरकारों और लोगों की प्रशंसा की जो आतिथ्य सत्कार और उदारता की सर्वोच्च इस्लामी परंपरा का पालन करते हुए संघर्षरत क्षेत्रों से भागने वाले लोगों की मदद करके अपने धर्म का अनुसरण करते हैं। उन्होंने कहा, यह महामारी एक मानवीय संकट है जो तेजी से मानवाधिकार संकट बनती जा रही है।
विज्ञापन