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शादी को झंझट मानती हैं कोरियाई युवतियां, ये रही वजह

Sun, 28 Feb 2016 08:09 AM IST
Updated Sun, 28 Feb 2016 08:09 AM IST
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South Korean girls started living single for carrier

हमारे देश में किसी लड़की का बिना शादी किए, अकेले रहना, अच्छा नहीं माना जाता। ये सिर्फ हिंदुस्तान की सोच नहीं। कई और देश भी हैं जहां खुदमुख्तार महिलाएं, समाज की आंखों में चुभती हैं।

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लोग तरह-तरह की बातें बनाते हैं, सवाल उठाते हैं, अफवाहें भी फैलाते हैं। ऐसा ही देश है दक्षिण कोरिया, जहां की महिलाएं परंपरागत सोच के दायरे से बाहर आ रही हैं। दक्षिण कोरिया में इन दिनों नया चलन चल पड़ा है। अविवाहित महिलाओं का दुल्हन वाला फोटो-शूट कराने का।
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दक्षिण कोरिया में आम-तौर पर लड़कियां 24 की उम्र तक शादी कर लेती हैं, जो नहीं करतीं, वो समाज की दकियानूसी सोच के निशाने पर आ जाती हैं। मगर अब वहां सूरते-हाल बदल रहे हैं। राजधानी सोल को ही लीजिए। 1990 से 2010 के बीच में शहर में कुंआरों की तादाद दोगुनी हो गई है। 1990 में जहां लड़कों की शादी करने की औसत उम्र 27 साल थी, वो 2010 के आते-आते 33 बरस हो गई थी।
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इसी दौरान लड़कियों की शादी करने की औसत उम्र 24 से 30 बरस हो गई। इसी तरह 1990 में दक्षिण कोरिया में जहां केवल 10 फीसदी वयस्क शादीशुदा नहीं थे, वहीं अगले बीस सालों में ये तादाद 40 फीसदी जा पहुंची। दक्षिण कोरिया जैसी परंपरागत सोसाइटी में ये बहुत बड़ा बदलाव है।

पढ़ाई और करियर पर ज्यादा ध्यान दे रही महिलाएं

South Korean girls started living single for carrier

आज दक्षिण कोरिया में महिलाएं अपनी पढ़ाई और करियर पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इसके लिए ज्यादातर लड़कियां शादी करने में देर कर रही हैं। कुछ तो शादी कर ही नहीं रही हैं।

मगर, शादी से पहले दुल्हन के शानदार फोटो-शूट का क्रेज अभी उसी तरह यहां बरकरार है। ड्राइंग रूम्स में इसे सबसे पसंदीदा आर्ट की जगह अब भी हासिल है। नामी फोटोग्राफर्स की इस ब्राइडल फोटो-शूट के लिए। सियोल के चू संगयान ऐसे ही ब्राइडल फोटोग्राफर हैं। जिनकी लड़कियों के बीच काफी डिमांड है, जो बिना दूल्हे के, दुल्हन वाला फोटो-शूट करते हैं।

संगयान कहते हैं कि अभी तो वो सिर्फ स्टूडियो में ऐसे शूट करते हैं। मगर जल्द ही आउटडोर ब्राइडल शूट भी करने की सोच रहे हैं। वो बताते हैं कि अकेले रहने वाली लड़कियों के बीच ये दुल्हन के लिबास में फोटो-शूट की काफी डिमांड है। ऐसे फोटो-शूट का खर्च आमतौर पर पांच सौ अमरीकी डॉलर के आस-पास बैठता है। ब्राइडल फोटो-शूट करने वाले, मेक-अप और किराए पर दुल्हन वाला गाउन भी मुहैया कराते हैं। ये किसी परंपरागत कोरियाई शादी में होने वाले खर्च से काफी कम है।

अकेले रहने पर जोर दे रहीं लड़कियां

South Korean girls started living single for carrier

बिना शादी के ब्राइडल शूट कराने वाली लड़कियों के अपने तर्क हैं। ऐसी ही एक कामकाजी युवती शिन जिनयोन कहती हैं कि वो अपने बाद के दिनों के लिए यादगार के तौर पर ये शूट करा रही हैं। क्योंकि दुल्हन का लिबास, एक उम्र तक ही फबता है।

भले ही लड़कियां अब अकेले रहने पर जोर दे रही हैं, मगर दक्षिण कोरियाई समाज में अब भी ये बेहद मुश्किल है। ऐसी लड़कियों का हौसला बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए काम करने वाली कई एक्टिविस्ट आगे आ रही हैं। ऐसी ही एक्टिविस्ट हैं ली युना। युना ने अकेले रहने का फैसला करने वाली लड़कियों के लिए तो एक गाइडबुक तक लिख डाली है, प्लान बी।

जिसमें उन्होंने समाज के तानों से बचने के नुस्खे लिखाए हैं। वो सिंगल वुमेन के लिए नये लफ्ज का चलन बढ़ाने पर भी जोर दे रही हैं। वो चाहती हैं कि लोग ऐसी युवतियों को बिहॉन यानी गैरशादीशुदा कहें। न कि, मिहान यानी अब तक शादी न करने वाली। युना कहती हैं कि लड़कियां अक्सर अपनी जिंदगी के बड़े फैसले समाज के दबाव में करती हैं।

अब ऐसी लड़कियों का हौसला बढ़ाने की जरूरत है, ताकि वो डर से नहीं, खुले दिमाग से अपनी जिंदगी के फैसले लें। इसके लिए युना, ऐसे लड़कियों को इकट्ठा करके पार्टी करती हैं। जहां उनके अकेले रहने के फैसले को सराहा जाता है। उनका सम्मान किया जाता है। सब सिंगल लड़कियां मिलकर वादा करती हैं कि वो भविष्य में भी ऐसे ही खुदमुख्तार रहेंगी।

अविवाहित लड़कियों के लिए समाज में सम्मानजनक जगह बने

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ली कहती हैं कि अविवाहित लड़कियों के लिए समाज में सम्मानजनक जगह बने, इसके लिए जरूरी है कि उनका साथ दिया जाए। उनके फैसले को सराहा जाए, और जरूरत पड़ने पर मदद भी की जाए। ली का मानना है कि महिलाओं के मामले में सोसाइटी की सोच दकियानूसी है।

आज महिलाएं, मर्दों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। उनकी तरह बाहर काम कर रही हैं। फिर भी उनसे ही घर के सारे काम करने की उम्मीद की जाती है। अगर बच्चे होते हैं तो औरतों से ही ये उम्मीद होती है कि वो अपनी नौकरी, अपना करियर छोड़कर, बच्चे को संभालें। यही वजह है कि करियर पर फोकस करने वाली लड़कियां शादी के झंझट से बचना चाहती हैं।

ऐसा नहीं कि दक्षिण कोरियाई समाज में शादी का चलन सिर्फ कामकाजी महिलाओं की वजह से घट रहा है। इसकी बड़ी वजह, वहां शादियों का भारी-भरकम खर्च भी है। जिसमें सिर्फ शादी का समारोह ही नहीं, हनीमून, पहला मकान, जैसे खर्च भी शामिल हैं। ये सब खर्च मर्दों की जिम्मेदारी होते हैं। यही वजह है कि आज कोरियाई युवा शादी के झंझट से दूर रहना चाहते हैं।

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