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सार्क की विफलता से नाखुश श्रीलंका दुसरे विकल्पों की तलाश में जुटा
एजेंसी/ कोलंबो
Updated Wed, 05 Oct 2016 02:32 AM IST
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पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मेलन के टलने के बाद श्रीलंका ने व्यवहारिक विकल्प तलाशने की बात कही है। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि क्षेत्र के देश को एकजुट करने और सर्वमान्य परिणाम देने में सार्क के विफल होने से भविष्य अंधकारमय हो गया है। लिहाजा उनके देश को इस बाबत व्यवहारिक विकल्प ढूंढने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने व्यवहारिक विकल्प का मतलब स्पष्ट नहीं किया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग के लिए आसियान और सार्क राष्ट्रों का एक साथ मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। श्रीलंका पांच सदस्यीय सार्क का सदस्य है। ऐसे में विक्रमसिंघे का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। वह न्यूजीलैंड की संसद में ‘श्रीलंका और उसकी दुनिया में जगह’ विषय पर बोल रहे थे।
मालूम हो कि भारत के बाद श्रीलंका ने भी 09-10 नवंबर में होने वाले सार्क सम्मेलन का बहिष्कार किया है। पाकिस्तानी आतंकियों की ओर से उड़ी में भारतीय सेना के बेस में हमले के बाद भारत ने सार्क के बहिष्कार का निर्णय लिया।
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उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग के लिए आसियान और सार्क राष्ट्रों का एक साथ मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। श्रीलंका पांच सदस्यीय सार्क का सदस्य है। ऐसे में विक्रमसिंघे का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। वह न्यूजीलैंड की संसद में ‘श्रीलंका और उसकी दुनिया में जगह’ विषय पर बोल रहे थे।
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मालूम हो कि भारत के बाद श्रीलंका ने भी 09-10 नवंबर में होने वाले सार्क सम्मेलन का बहिष्कार किया है। पाकिस्तानी आतंकियों की ओर से उड़ी में भारतीय सेना के बेस में हमले के बाद भारत ने सार्क के बहिष्कार का निर्णय लिया।
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