..तो यहां ऐसे तैयार किए जाते हैं खतरनाक जासूस
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जासूसी की एक अलग दुनिया होती है, लेकिन जासूसी के काम को अंजाम देने वाले खतरनाक जासूस की जिंदगी वाकई चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरी होती है। जासूस शब्द, जहरीला पैन और टार्च गन को देखकर जेहन में जेम्स बांड की कई फिल्मी सीन किसी के भी खयाली पर्दें में उतर आ जाते हैं।
लेकिन क्या वाकई में जासूसों की जिंदगी इतनी रोमांचकारी और बेहतरीन होती है जितना कि जेम्स बांड और हिंदी फिल्मों में दिखाया जाता है। आईए जानते हैं।
स्कूलों में तैयार होते जासूस
अभी हाल ही में साऊथ कोरिया में जासूसी करने वाले कई लोगों को यहां की किम सरकार द्वारा मारे जाने का मामला सामने आया था। आरोप सरकार के साथ खिलाफत का था। मालूम हो कि कोरिया में काफी संख्या में लोग जासूसी का ही काम करते हैं।
सीएनएन की एक खबर के मुताबिक एक जासूस किम दांग शिक ने दावा किया है कि वह साऊथ कोरिया की किम जोंग सरकार में एक मिशन में जासूसी के लिए गया था, और उसे बतौर जासूसी के लिए नौकरी पर रखा गया था।बताया कि जब वह हाईस्कूल में था तब उसे जासूस बनने के लिए कहा गया।
किम दांग शिक ने बताया कि उसे जासूसी में दक्षता हासिल करने के लिए विशेष कॉलेज में भेजा गया जहां उसे चार साल तक मार्शल आर्ट, स्कूबा डाइविंग और शूट करना और बिस्फोट करना सिखाया गया। एक साल के बाद वह जासूसी के लिए पूरी तरह से तैयार हो गया।
सरकार के लिए तैयार होते हैं जासूस
किम ने कहा कि जब उसे बताया गया कि वह एक जासूस बनने जा रहा है तो वह दंग रह गया। क्यों कि पहले जासूसों के साथ कई घटनाऐं हो चुकी थी।
साऊथ कोरिया से भेजे गए कई जासूस मारे गए थे और मुझे लगा मैं भी मारा जाऊंगा। किम का कहना था कि फिजिकली ट्रेनिंग अलग है लेकिन मानसिक ट्रेनिंग सबसे अहम होती है।
उन्हें किम जोंग सरकार के लिए मरने के लिए तैयार किया गया था और पकड़े गए तो जिदां नहीं बचेंगे। वर्ष 1995 में सियोल के एक मिशन के दौरान किम को साऊथ कोरिया के अधिकारियों ने गोली मारी थी, क्यों कि वह आत्महत्या करने में असफल रहा। हालांकि किम के इन दावों की पुष्टि नहीं हुई।
यहां जासूसों की होती है अहम भूमिका
एक अन्य पूर्व सदस्य केंग मायोंग का कहना है कि उत्तर कोरिया के जासूस यूएसए समेत दुनियाभर में काम कर रहे हैं। उनका मुख्य उदेश्य कोरियन-अमेरिकन को भर्ती करना है जो कि नार्थ कोरिया का समर्थन करते हैं।
वे लोग जासूसी के लिए तीन प्रकार के तरीके अपनाते हैं पहला नार्थ कोरिया का मुफ्त वीजा, व्यापार की अनुमति और तीसरा लुभाने के लिए महिलाओं को भी उपयोग किया जाता है। यह तरीका अस्सी के दशक से चला आ रहा है। केंग का कहना है कि कोरिया अपने जासूस को अमेरिका, जापान, चीन समेत अन्य देशों को भी उपलब्ध कराता है। उनका कहना है कि जासूस और इंटेलिजेंस किम जोंग सरकार में बड़ी भूमिका रखते हैं।
कोरियन सरकार जासूस के साथ जर्नलों जैसे व्वहार के साथ पेश आती है। उन्हें हर तरह की सुविधा मुहैया कराता है। यहां तक कि उनकी शिक्षा का स्तर भी समान होता है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि नार्थ कोरिया जासूसों को बहुत महत्वपूर्ण समझता है।