जापान में अमेरिकी सेना के खिलाफ सडकों पर लोग
जापान के ओकिनावा द्वीप में अमेरिकी सेना की मौजूदगी के खिलाफ दसियों हजार लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लोग 20 साल की महिला रीना शिमाबूकुरो के साथ रेप और फिर हत्या से नाराज हैं, जिसके आरोप एक पूर्व अमेरिकी नौसैनिक पर लगे हैं।
इस घटना के बाद ओकिनावा में अमेरिकीसैन्य अड्डों को लेकर लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है। वे अमेरिकी सैन्य कर्मचारियों को द्वीप से बाहर किए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन जापान और अमरीका का कहना है कि वो दोनों देशों के सैन्य गठबंधन के लिए बहुत अहम हैं, वो भी तब जब चीन लगातार आक्रामक हो रहा है।
ओकिनावा में फिलहाल 26,000 अमेरिकी सैनिक हैं।
"हमारा आक्रोश सीमाएं पार कर चुका है, इन नौसैनिकों को बाहर निकालो"
ये लोग सैन्य अड्डों में रहते हैं और वहीं काम करते हैं। ये अड्डे ओकिनावा द्वीप के 20 प्रतिशत क्षेत्रफल में फैले हैं। रविवार को प्रदर्शन शुरू होने के पहले रीना शिमाबूकुरो के लिए मौन रखा गया और फिर उनके पिता की ओर से संदेश पढा गया।
प्रदर्शनकारियों ने जो तख्तियां उठा रखी थीं, उन पर लिखा था, "हमारा आक्रोश सीमाएं पार कर चुका है", "इन नौसैनिकों को बाहर निकालो"। 71 साल की चिहिरो उचिमूरा ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "मैं बहुत दुखी हूं और अब मैं नहीं चाहती कि कोई और शिकार बने।"
वे कहती हैं, "जब तक यहां अमेरिकीसेना का ठिकाने रहेंगे, इस तरह की घटनाएं घटती रहेंगी।"