उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर महाशक्तियां बंटीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका ने कहा है कि उत्तर कोरिया को समझाने की जिम्मेदारी रूस और चीन की है। चीन उत्तर कोरिया का मुख्य सहयोगी है जबकि रूस के रिश्ते प्योंगयांग से बहुत अच्छे हैं।
लेकिन चीन ने कहा है कि अमेरिका अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहता है जबकि रूस ने अमरीका की उकसाऊ बयानबाजी की निंदा की है।
पढे़ं : उत्तर कोरिया बोला- परमाणु कार्यक्रम पूरा करके अमेरिकी फौज की बराबरी करेंगे
जापान की ओर छोड़ी गई मिसाइल की इतनी रेंज है कि वो अमेरिकी इलाके गुआम तक मार कर सकती है।
उकसावे वाली कार्रवाई
दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक़, इस मिसाइल ने आसमान में 770 किलोमीटर की ऊंचाई हासिल की और जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो के ऊपर से गुजरती हुई 3,700 किलोमीटर की दूरी तय की।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटजिक स्टडीज के जोसफ डेम्पसे ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर कोरिया की ये सबसे अधिक लंबी दूरी तय करने वाली मिसाइल है। अमेरिका के मुख्य सहयोगी और उत्तर कोरिया के पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया ने कुछ ही मिनटों बाद दो मिसाइल छोड़ी।
जापानी प्रधानमंत्री शिंजोआबे ने कहा है कि उनका देश इस तरह के उकसावे वाली कार्रवाईयों को बर्दाश्त नहीं करेगा। अमेरिका, चीन और रूस ने भी इसकी निंदा की है।
बातचीत पर जोर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि संकट को कम करने के लिए प्योंगयांग से सीधी बातचीत करनी चाहिए।
पढ़ें: 69 साल का उत्तर कोरिया और 85 साल की सेना?
बीते सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने, सितम्बर की शुरुआत में परमाणु परीक्षण करने के खिलाफ उत्तर कोरिया को किए जाने वाले तेल निर्यात और कपड़ा निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने साफ किया है कि वॉशिंगटन का मानना है कि अब प्योंगयांग को नियंत्रण में लाने की जिम्मेदारी चीन और रूस पर है।