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अमेरिका के विलियम नॉर्डहॉस और पॉल रोमर को अर्थशास्त्र का नोबेल

Mon, 08 Oct 2018 04:21 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 08 Oct 2018 04:21 PM IST
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Nobel prize 2018: William D. Nordhaus and Paul M. Romer selected for nobel economics award 2018

अर्थशास्त्र के क्षेत्र मेें सराहनीय योगदान के लिए इस साल अमेरिका के दो अर्थशास्त्रियों को नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ इकोनॉमिक्स ने सोमवार इस पुरस्कार के लिए विलियम नोरधाॅस और पॉल रोमर के नाम का एलान किया है। इन दोनों अर्थशास्त्रियों को यह सम्मान जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास पर खोज के लिए दिया जा रहा है।

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उल्लेखनीय है कि अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से पहले शांति, मेडिसिन, भौतिकी और रसायन शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार का एलान किया जा चुका है। इसमें यजीदी कार्यकर्ता नादिया मुराद को 2018 के नोबेल शांति पुरस्कार और मेडिसिन के लिए संयुक्त रूप से जेम्स पी. एलिसन और तासुकू होंजो को चुना गया। वहीं भौतिकी के नोबेल पुरस्कार के लिए अमेरिका के आर्थर अश्किन, फ्रांस के जेरार्ड मोउरो और कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड के नाम की घोषणा की जा चुकी है। इसके अलावा रसायन शास्त्र के लिए फ्रांसेस एच. एरनॉल्ड, जॉर्ज पी स्मिथ और सर ग्रेग्रॉरी पी विंटर को नोबेल पुरस्कार  के लिए चुना गया है।

विवादों के चलते इस साल नहीं दिया जाएगा साहित्य का नोबेल पुरस्कार

Nobel prize 2018: William D. Nordhaus and Paul M. Romer selected for nobel economics award 2018
Nobel prize

बता दें कि साहित्य के नोबेल पुरस्कार को इस साल स्थगित कर दिया गया है। पुरस्कार के 117 साल के इतिहास में इसे दूसरी बार रोका गया है। इससे पहले इसे 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध को लेकर स्थगित किया गया था। नोबेल पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था एक सेक्स स्कैंडल में फंस गई है। यह अकादमी 1901 से ही साहित्य नोबेल पुरस्कार विजेताओं का चयन कर रही है। भारत को सिर्फ एक बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला है। 1913 में रवींद्रनाथ टैगोर को गीतांजलि के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।

विजेता का चुनाव करने वाली स्वीडिश एकेडमी की ज्यूरी मेंबर कटरीना के पति पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। इसीलिए 2018 के विजेता के नाम पर मुहर नहीं लग पाई। कटरीना के पति और फ्रांसीसी फोटोग्राफर जेन क्लोड अरनॉल्ट पर लगे यौन शोषण के आरोपों के चलते स्वीडिश एकेडमी आलोचनाओं के घेरे में है। 

एकेडमी ने फैसला किया है कि इस साल यह पुरस्कार प्रदान नहीं किया जाएगा, क्योंकि एकेडमी के कुछ सदस्य पुरस्कार प्रदान करने को लेकर चिंतित हैं और वे इसके लिए स्थिति को अनुकूल नहीं बता रहे हैं। पिछले साल नवंबर में 18 महिलाओं ने ‘मी टू’ अभियान के जरिए से अरनॉल्ट पर यौन हमला व उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। हालांकि अरनॉल्ट ने सभी आरोपों से इनकार किया है। 

अरनॉल्ट की पत्नी कटरीना लंबे समय से एकेडमी की सदस्य रही हैं, लेकिन मामला सामने आने के बाद संगठन ने उनकी पत्नी को निकाल दिया था। स्वीडिश एकेडमी ने कहा कि यौन शोषण के आरोपों से जनता के बीच संस्था की छवि खराब हुई है।

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