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मालदीव संकट: चीन चल रहा चाल, स्टैंड बाय मोड पर भारतीय सेना
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:22 AM IST
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मालदीव में गहराते संकट के बीच भारत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन कर सकता है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि भारत किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी सेना को स्टैंड बाय मोड यानी तैयार रखेगा।
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ऐसा माना जा रहा है कि राष्ट्रपति यामिन चीन के प्रभाव में है और इसे उसकी एक चाल माना जा रहा है। चीन मालदीव में अपना सैन्य बेस बनाने की तैयारी में है और इसके लिए वह हर संभव कोशिश में जुट गया है।
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दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो दक्षिण भारत के अहम एयरबेस पर सेना का मूवमेंट देखा गया है। एसओपी के तहत सेना को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा जाता है। सूत्रों ने कहा कि यह एसओपी से जुड़ी सामान्य बात है। हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि क्या सरकार ने एसओपी के तहत अपनी सेना को तैयार रखा है या नहीं। एसओपी के तहत भारत पहले ही अपने नागरिकों को सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर चुका है। इस बीच मंगलवार को मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद ने एक बार फिर भारत से कूटनीतिक और सैन्य मदद मांगी।
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2012 में सैन्य तख्त पलट के जरिए सत्ता पर कब्जा करने वाले यामीन का चीन के प्रति झुकाव भारत के लिए लगातार चिंता का कारण बना रहा है। पूर्व राष्ट्रपति नाशीद का रुख भारत के प्रति सकारात्मक था। जबकि यामीन ने भारत के इतर चीन से नजदीकी बढ़ानी शुरू की। भारत को पड़ोसियों से अलग करने में जुटे चीन ने मालदीव को कर्ज में उलझा दिया। इसके बाद मालदीव न सिर्फ चीन के बेल्ट एंड रोड इनेशिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा बना बल्कि चीन के सैन्य बेस बनाने के प्रस्ताव को सैद्घांतिक सहमति दे दी।
मालदीव न सिर्फ भारत का पड़ोसी देश है, बल्कि चारों ओर से समुद्र से घिरा होने के कारण रणनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील है। देश फिलहाल स्थिति पर पैनी निगाह रख रहा है। अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर उसने मालदीव को कड़ा कूटनीतिक संदेश भी दिया है।