मधेसी बोले 'आंदोलन कुचलने के लिए भारत को नेपाल बना रहा है निशाना'
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मधेसी भी नेपाल के नागरिक हैं और अलग प्रदेश स्थापना के लिए हमें पूरा अधिकार है। नेपाल को राजशाही से निकालने के लिए जनयुद्ध में हम सबने भागीदारी की और अब उस वक्त हुए समझौतों से सरकार मुकर रही है।
अब मधेसियों के आंदोलन को कुचलने के लिए भारत पर यूएनओ में निशाना साधा जा रहा है। नेपाल सरकार मधेस आंदोलन कुचलने के लिए भारत पर तोहमत मढ़ रही है। यह कहना है तराई थारुहट संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों का। आंदोलनकारियों का मानना है कि मधेसियों की पीड़ा को भी संयुक्त राष्ट्र को महसूस करना होगा।
उन्होंने साफ किया कि समाधान निकलने तक नाकाबंदी जारी रहेगी। नेपाल में झापा से कंचनपुर दो माह पहले सुलगी मधेस प्रदेश स्थापना की चिंगारी अब लपटों में तब्दील हो गई है।
तभी हम हो गए नेपाल के नागरिक
आंदोलनकारियों ने भारत सीमा से सटे इलाकों में नाकाबंदी कर आवश्यक वस्तुओं के वाहनों को नेपाल में प्रवेश करने से रोक दिया है। इससे खाद्यान्न और पेट्रोलियम संकट पैदा हो गया है। इस मामले में रविवार को संयुक्त तराई थारुहट मधेस संघर्ष समिति के पदाधिकारी नेपाल सरकार के कदम से आहत दिखे।
समिति के प्रवक्ता व तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी के केंद्रीय समिति सदस्य पशुपति दयाल मिश्र का कहना है कि 150 वर्ष पूर्व राणा शासन और अंग्रेजों में समझौते के तहत बलरामपुर स्टेट का भूभाग नेपाल को सौंप दिया गया था। तभी से हम लोग नेपाल के नागरिक हो गए।
ऐसे में अलग मधेस प्रदेश की स्थापना की मांग करना गुनाह नहीं है। हम मूलभूत सुविधाओं के लिए अपना अधिकार मांग रहे हैं। नेपाल सरकार भारत को निशाना बनाकर हमारे आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। सरकार इस कदम से आंदोलन से ध्यान हटाना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होगा।
तांगो का संचालन शुरु
वहीं रविवार को बनबसा से नेपाली सवारियों को लेकर तांगों का संचालन शुरू हो गया। कई तांगे सवारियां लेकर नेपाल को गए। अलबत्ता सुरक्षा के तहत प्राइवेट वाहनों को भारतीय प्रशासन द्वारा लगी रोक जारी रही। नेपाल छात्र संगठनों ने भारतीय वाहनों के नेपाल प्रवेश पर आग लगाने की धमकी दी थी।
सुरक्षा के तहत भारतीय प्रशासन ने भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर रोक लगाई थी। भारत-नेपाल के बीच भारतीय वाहनों का संचालन एक सप्ताह से ठप है। भारत से आने वाली नेपाली सवारियों को महेंद्र नगर तक पहुंचाने के लिए तांगों का संचालन फिर से शुरू हो गया है।
शनिवार को नेपाल के सीडीओ और एसपी ने सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर गड्डाचौकी (नेपाल) के थानाध्यक्ष राजेंद्र चंद ने भारतीय तांगा चालकों से वार्ता कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया, जिस पर तांगा चालकों ने नेपाल जाने पर सहमति जताई।
थानाध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि नेपाल प्रशासन द्वारा सुरक्षा का आश्वासन देने के बाद जिला प्रशासन को अवगत कराया, जिसके बाद तांगों को नेपाल तक जाने की अनुमति दी गई है। उधर, भारत-नेपाल के बीच चलने वाला व्यापार पूर्ववत जारी है। सीमा से नेपाली वाहनों पर भारत से आवश्यक वस्तुओं की खेप नेपाल भेजी जा रही है।