नेपाल में करेंसी बदलने पर लिया जा रहा है मोटा कमीशन
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मधेशी आंदोलन से नेपाल के हालात खासे प्रभावित हुए हैं। नेपाल में भारतीय करेंसी की भी कमी आ गई है। नेपाल में भारतीय मुद्रा कम होने के बाद कुछ लोगों ने सटाई (मनी एक्सचेंज) धंधा अपना लाभ कमाना शुरू कर दिया है।
क्षेत्र में प्रतिदिन दस से पंद्रह लाख रुपये के इस कारोबार में कमीशनखोर आमजनों की मजबूरी का उठा रहे हैं। इन दिनों नेपाल में भारतीय करेंसी के अभाव से आमजन के साथ व्यापारी वर्ग खासे परेशान हैं।
सीमा पर वर्षों से दोनों देशों की करेंसी का आदान प्रदान होता आ रहा है। हालांकि इस सीमा पर मधेशी आंदोलन का कोई असर नहीं दिखाई पड़ा है।कारण है इस क्षेत्र में नेपाल के सुदूर पश्चिमांचल पर्वतीय क्षेत्रों का बाहुल्य।
चांदी काटने में लगे हैं कारोबारी
नेपाल चैंबर आप कामर्स के पूर्व अध्यक्ष हेम विक्रम थापा के मुताबिक
कंचनपुर की सीमा पर भारत के साथ वास्तविक रूप से रोटी बेटी के संबंध हैं,
जिसके चलते यहां मधेशी आंदोलन बेअसर है।
लेकिन यूपी से लगी सीमाओं पर मधेशी
आंदोलन के प्रभाव से भारतीय करेंसी का अभाव हुआ है। उन्होंने बताया कि
नेपाली रुपये के बदल भारतीय रुपया बदलने पर इन दिनों कुछ लोग भारी मुनाफा
कमा रहे हैं।
व्यापारी अनिल जोशी के अनुसार नेपाली रुपया (नेरु) के बदले
भारतीय रुपया (भारु) करने पर आठ से दस प्रतिशत तक कमीशन वसूला जा रहा है।
जबकि नेपाल वाणिज्य बैंक में मनी एक्सचेंज नाममात्र को है। भारतीय रुपये को
नेपाली रुपये में बदलने पर कमीशन नहीं लिया जाता है।
बता दें कि नेपाल
बैंक में नेरु के बदले भारु करने के प्रति हजार केवल 30 से 40 पैसे कमीशन
वसूला जाता है। भारतीय शहरों को जाने वाले नेपाली नागरिकों की मजबूरी का
फायदा उठा इस कारोबार में लगे लोग चांदी काटने में लगे हैं। बिना लाईसेंस
चलने वाले इस कारोबार को बड़ी गोपनीयता से किया जा रहा है।