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अमेरिका को युद्ध की धमकी देने वाले उत्तरी कोरिया के जखीरे में क्या है
Updated Wed, 23 Aug 2017 05:11 PM IST
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उत्तर कोरिया ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास को जारी रखता है तो उसे इसकी सजा भुगतनी पड़ सकती है। यही नहीं उत्तरी कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिका को निष्ठुर जवाबी कार्रवाई और सजा भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा है।
किम जोंग उन ने अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए कई चरणों मे कदम उठाए हैं। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया की खबर के अनुसार किम जोंग उन ने रॉकेट इंजन और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के जखीरे को और बढाने का आदेश दिया है।
आखिर उत्तरी कोरिया के पास ऐसी कौन सी शक्ति है जो दुनिया की महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका को खुलेआम धमकी दे रहा है। यह जानते हुए कि यदि युद्ध होता है तो विश्व की महाशक्तियां अमेरिका के साथ खड़ी होंगी। उसके साथ जापान, दक्षिण कोरिया, भारत जैसी शक्तियां भी होंगी। उत्तरी कोरिया और अमेरिका के बीच चली जुबानी जंग में बीच बचाव की स्थिति में चीन उतर आया है।
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ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स (जीएफपी) के मुताबिक जल थल और वायु तीनों में सबसे अधिक ताकतवर अमेरिका है। जीपीएफ द्वारा 2016 में की गई गणना के मुताबिक अमेरिका का स्थान पहला है, इंटरेस्टिंग ये है रक्षा बजट में कटौती के बाद भी दुनिया में अमेरिका सैन्य महाशक्ति बना हुआ है।
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किम जोंग उन ने अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए कई चरणों मे कदम उठाए हैं। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया की खबर के अनुसार किम जोंग उन ने रॉकेट इंजन और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के जखीरे को और बढाने का आदेश दिया है।
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आखिर उत्तरी कोरिया के पास ऐसी कौन सी शक्ति है जो दुनिया की महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका को खुलेआम धमकी दे रहा है। यह जानते हुए कि यदि युद्ध होता है तो विश्व की महाशक्तियां अमेरिका के साथ खड़ी होंगी। उसके साथ जापान, दक्षिण कोरिया, भारत जैसी शक्तियां भी होंगी। उत्तरी कोरिया और अमेरिका के बीच चली जुबानी जंग में बीच बचाव की स्थिति में चीन उतर आया है।
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ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स (जीएफपी) के मुताबिक जल थल और वायु तीनों में सबसे अधिक ताकतवर अमेरिका है। जीपीएफ द्वारा 2016 में की गई गणना के मुताबिक अमेरिका का स्थान पहला है, इंटरेस्टिंग ये है रक्षा बजट में कटौती के बाद भी दुनिया में अमेरिका सैन्य महाशक्ति बना हुआ है।
सैन्य शक्ति के मामले में दुनिया में 11 वें स्थान पर है उत्तरी कोरिया
उत्तर कोरिया मुसुडान मिसाइल से लेकर बैलिस्टिक मिसाइल तक का जखीरा तैयार कर चुके जीएफपी की गणना के मुताबिक सैन्य शक्ति के मामले में 11 वें स्थान पर बिराजमान है।
आज दुनिया का हर देश अपने बड़े- बड़े हथियारों के जरिए खुद को बड़ा बनाना चाहता है। सैन्य शक्ति के हिसाब से अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है। अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति पर चीन और रूस जैसे देशों की तुलना में तीन गुना अधिक खर्च करता है।
अमेरिका अपनी रक्षा बजट पर 600 बिलियन डॉलर खर्च करता है। उत्तर कोरिया 1950 तक एशिया का सबसे उन्नत औद्योगिक देश था लेकिन अब उसकी अर्थव्यवस्था पस्त है। वहां के नागरिकों का जीवन जोखिम में है तब भी उत्तरी कोरिया का रक्षा परमाणु बम, मिसाइलों का जखीरा खड़ा कर लिया है। जबकि चीन अपने रक्षा बजट में 161 बिलियन डॉलर का खर्च करता है।
उत्तर कोरिया पिछले पांच साल से परमाणु परीक्षण और मिसाइल परीक्षण कर रहा है। माना जाता है कि उसके पास अलग अलग क्षमता की एक हजार से अधिक मिसाइलें हैं।
उत्तर कोरिया की अमेरिका सहित दूसरे देशों से तनातनी की बड़ी वजह परमाणु कार्यक्रम और लंबी दूरी की मिसाइलें है। कोरिया ने एक ऐसी मिसाइल विकसित की है जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप पर तबाही मचा सकती है। यानि ये मिसाइल इतनी पावरफुल है कि 5500 किलोमीटर की दूरी तक जा कर मार कर सकती है। इन मिसाइलों को मल्टीपरपस बनाया गया है।
ये मिसाइले पहले तो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम थीं लेकिन अब ये मिसाइलें पारंपरिक और रसायनिक हथियार ही सिर्फ एक साथ नहीं ले जाई जाती हैं बल्कि अलग अलग निशाने पर हथियार गिरा भी सकती हैं।
आज दुनिया का हर देश अपने बड़े- बड़े हथियारों के जरिए खुद को बड़ा बनाना चाहता है। सैन्य शक्ति के हिसाब से अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है। अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति पर चीन और रूस जैसे देशों की तुलना में तीन गुना अधिक खर्च करता है।
अमेरिका अपनी रक्षा बजट पर 600 बिलियन डॉलर खर्च करता है। उत्तर कोरिया 1950 तक एशिया का सबसे उन्नत औद्योगिक देश था लेकिन अब उसकी अर्थव्यवस्था पस्त है। वहां के नागरिकों का जीवन जोखिम में है तब भी उत्तरी कोरिया का रक्षा परमाणु बम, मिसाइलों का जखीरा खड़ा कर लिया है। जबकि चीन अपने रक्षा बजट में 161 बिलियन डॉलर का खर्च करता है।
उत्तर कोरिया पिछले पांच साल से परमाणु परीक्षण और मिसाइल परीक्षण कर रहा है। माना जाता है कि उसके पास अलग अलग क्षमता की एक हजार से अधिक मिसाइलें हैं।
उत्तर कोरिया की अमेरिका सहित दूसरे देशों से तनातनी की बड़ी वजह परमाणु कार्यक्रम और लंबी दूरी की मिसाइलें है। कोरिया ने एक ऐसी मिसाइल विकसित की है जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप पर तबाही मचा सकती है। यानि ये मिसाइल इतनी पावरफुल है कि 5500 किलोमीटर की दूरी तक जा कर मार कर सकती है। इन मिसाइलों को मल्टीपरपस बनाया गया है।
ये मिसाइले पहले तो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम थीं लेकिन अब ये मिसाइलें पारंपरिक और रसायनिक हथियार ही सिर्फ एक साथ नहीं ले जाई जाती हैं बल्कि अलग अलग निशाने पर हथियार गिरा भी सकती हैं।
किसके भंडार में हैं कितना जखीरा
उत्तर कोरिया के भंडार में 70 पनडुब्बी, 4200 टैंक, 458 फाइटर जेड, और 572 लड़ाकू विमान शामिल हैं।
जबकि अमेरिका के पास 5884 टैंक्स, 19 एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर कैरियरर्स, 13762 एय़रक्राफ्ट, 415 नेवल ताकत सहित कुल आर्मी जवाम 1,400,000 हैं
चीन के पास 6457 टैंक्स, 1 हेलिकॉप्टर कैरियर्स, 2955 एयरक्राफ्ट, नेवल ताकत - 714, कुल आर्मी जवान – 2335000 हैं।
अपने को शक्तिशाली बनाने में जुटा कोरिया अपने पड़ोसी दक्षिण कोरिया और जापान को भी अपना बड़ा दुश्मन मानता है।
जबकि अमेरिका के पास 5884 टैंक्स, 19 एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर कैरियरर्स, 13762 एय़रक्राफ्ट, 415 नेवल ताकत सहित कुल आर्मी जवाम 1,400,000 हैं
चीन के पास 6457 टैंक्स, 1 हेलिकॉप्टर कैरियर्स, 2955 एयरक्राफ्ट, नेवल ताकत - 714, कुल आर्मी जवान – 2335000 हैं।
अपने को शक्तिशाली बनाने में जुटा कोरिया अपने पड़ोसी दक्षिण कोरिया और जापान को भी अपना बड़ा दुश्मन मानता है।