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Waqf Bill:वक्फ बोर्ड मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लगाई फटकार, नोटिस जारी कर मांगा जवाब
Wed, 16 Oct 2024 03:48 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 16 Oct 2024 03:48 PM IST
सार
Waqf Bill: कर्नाटक हाईकोर्ट ने सिद्धारमैया सरकार को वक्फ बोर्ड मामले में फटकार लगाई है। अदालत ने राज्य सरकार के वक्फ बोर्ड को विवाह प्रमाण पत्र जारी करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए नोटिस भेज जवाब मांगा है।
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मुडा मामले में सिद्धारमैया को राहत
- फोटो : ANI
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विस्तार
वक्फ बोर्ड मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लेकर अपना सख्त रुख अपनाया है। जहां सिद्धारमैया सरकार के वक्फ बोर्ड को विवाह प्रमाण पत्र जारी करने की अनुमति देने के फैसले पर सवाल उठाते हुए अदलात ने दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है। बता दें कि कर्नाटक सरकार ने वक्फ बोर्ड को विवाह प्रमाण पत्र जारी करने की अनुमति दे दी थी, जिसके विरोध में हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। जिसपर सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए जवाब मांगा है।
कर्नाटक HC ने मांगा जवाब
दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकिल के तर्क पर मुख्य न्यायाधीश एनवी अंजारिया और न्यायमूर्ति केवी अरविंद की पीठ ने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का कोई कार्य नहीं है। जानकारी के अनुसार अदालत में वकिल ने तर्क दिया था कि बोर्ड को केवल विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है। बता दें कि पीठ ने इस मामले में राज्य सरकार से 12 नवंबर से पहले पहले जवाब मांगा है।
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याचिकाकर्ता की मांग
कर्नाटक हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में की गई मांग की बात करें तो, याचिकाकर्ता ने मांग की है कि अल्पसंख्यक, वक्फ एवं हज विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी 30 सितंबर 2024 के सरकारी आदेश को वक्फ अधिनियम, 1995 में कानून के विपरीत और असंगत घोषित किया जाने की मांग की गई है और इसलिए कर्नाटक सरकार के इस फैसले को अधिनियम के विरुद्ध घोषित किया जाए।
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High Court of Karnataka has issued notice to the state government over the PIL filed questioning the government decision which it has allowed the Waqf Board to issue marriage certificates.
— ANI (@ANI) October 16, 2024विज्ञापन
कर्नाटक HC ने मांगा जवाब
दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकिल के तर्क पर मुख्य न्यायाधीश एनवी अंजारिया और न्यायमूर्ति केवी अरविंद की पीठ ने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का कोई कार्य नहीं है। जानकारी के अनुसार अदालत में वकिल ने तर्क दिया था कि बोर्ड को केवल विवाह प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है। बता दें कि पीठ ने इस मामले में राज्य सरकार से 12 नवंबर से पहले पहले जवाब मांगा है।
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याचिकाकर्ता की मांग
कर्नाटक हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में की गई मांग की बात करें तो, याचिकाकर्ता ने मांग की है कि अल्पसंख्यक, वक्फ एवं हज विभाग के अवर सचिव द्वारा जारी 30 सितंबर 2024 के सरकारी आदेश को वक्फ अधिनियम, 1995 में कानून के विपरीत और असंगत घोषित किया जाने की मांग की गई है और इसलिए कर्नाटक सरकार के इस फैसले को अधिनियम के विरुद्ध घोषित किया जाए।