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'लड़कियों को गुलाम बना कर बलात्कार करना सही'

Sun, 24 May 2015 10:58 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 24 May 2015 10:58 AM IST
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justifies kidnapping and abusing Yazidi girls

दुनियाभर में आतंकवाद का सबसे घिनौना चेहरा बन चुके चरमपंथी संगठन आईएसआईएस के जारी एक दस्तावेज में लड़कियों का अपहरण कर उन्हें गुलाम बनाकर बलात्कार करना सही माना है।

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मेल ऑनलाईन की खबर के मुताबिक इन चौकाने वाले तथ्यों का जिक्र एक जिहादी लड़की ने आईएसआईएस की दाबिक पत्रिका के नौंवे संस्करण 'गुलाम लड़कियां या वैश्या' में किया है। आईएसआईएस के इस दस्तावेज में अमेरिका की प्रथम महिला अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा को वैश्या बताया गया है।
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इस दस्तावेज में कहा गया है कि एक वैश्या के तौर पर उनकी कीमत एक दीनार तक लगाई गई है। वहीं संयुक्त राष्ट्र संघ ने दावा किया है कि ईराक के अल्पसंख्यक समुदाय की सुंदर कुंवारी लड़कियों का अपहरण कर उन्हें आईएसआईएस के लिए भेजा जाता है जहां उन्हें गुलाम बना कर उनका यौन शोषण कर निलामी की जाती है। दस्तावेज में आंतकी संगठन ने क्रुर यौन उत्पीड़न को सही ठहराया है।
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गुलाम बनने को किया जाता मजबूर

justifies kidnapping and abusing Yazidi girls

इस्लामिक स्टेट के पूर्व संस्करण दाबिक में एक जिहादी लड़की उम्म सुमायाह अल मुहाजिरा ने लिखा है कि उनकी बहनों को सीरीया में बसने और इस्लामिक स्टेट की पत्‍नियां बनने के लिए कहा गया।

दाबिक पत्रिका में महिला के पांच पेजों के इस लेख में संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रथम महिला का वैश्या होने का भी जिक्र किया गया। कहा गया है कि कौन जानता है कि मिशेल ओबामा वैश्या है, यही नहीं उनकी कीमत एक तिहाई दीनार लगाई गई है, और यह कीमत उनके लिए काफी बताई गई है।

कामवासना के लिए गुलाम

justifies kidnapping and abusing Yazidi girls

महिला ने खुले तौर पर कहा है कि आईएसआईएस लड़कियों को गुलाम बनाने के लिए गांवों को लूट रहा है। लड़कियों को इस्लामी लड़ाकों को बेच दिया जाता है और बाद में वे उनके साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जाता है।

लड़कियों के साथ कई बार बलात्कार किया जाता है और उन्हें कामवासना पूरी करने के लिए जबरन गुलाम बनाया जाता है। उनके बच्चों को आईएसआईएस के लिए फाइटर बनाने के लिए बेच दिया जाता है।

आईएसआईएस आतंकी यजीदी समुदाय को काफिर मानते हैं। वहीं यजीदी लड़कियों की खरीद-फरोख्त को इस्लामिक कायदे का हिस्सा माना जाता है। हालांकि मानवाधिकार संगठन और लोग लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। 

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