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‘वर्क फ्रॉम होम’ से बढ़ता है तनाव और अनिद्रा का खतरा

Thu, 16 Feb 2017 09:43 PM IST
एजेंसी, जिनेवा
एजेंसी, जिनेवा Updated Thu, 16 Feb 2017 09:43 PM IST
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"Work from home" Increases the risk of depression and insomnia

घर पर लैपटॉप, स्मार्टफोन और अन्य तकनीक का प्रयोग करके आप भले ही भीड़ भरे ट्रैफिक से बच जाते हों मगर यह आपके काम करने के घंटे, अधिक तनाव और नींद की समस्या को बढ़ा देता है। यह दावा संयुक्त राष्ट्र द्वारा कराए गए एक नए अध्ययन में किया गया जिसमें भारत सहित 15 देश शामिल थे।

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संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और यूरोफंड की संयुक्त रिपोर्ट के सहायक लेखक जॉन मेसेंजर ने कहा कि यह रिपोर्ट दिखाती है कि आधुनिक तकनीक का प्रयोग कामकाजी जीवन में नियंत्रण बनाए रखने की सुविधा प्रदान करता है। यह अध्ययन यूरोपीय यूनियन के दस राज्यों और अर्जेंटिना, ब्राजील, भारत, जापान और अमेरिका के विशेषज्ञों और कामगारों के साक्षात्कार पर आधारित है।
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इस अध्ययन में दफ्तर के बाहर तकनीक का प्रयोग कर काम करने वाले कई प्रकार के कर्मचारियों की पहचान की गई है। इसमें नियमित तौर पर घर से काम करने वाले टेलीवर्कर्स, अनियमित तौर पर काम करने वाले टेलीवर्कर्स और सूचना एवं संचार तकनीक का प्रयोग कर मोबाइल का काम करने वाले (टी/आईसीटीएम) शामिल हैं।

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