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चीन में कैसे होता है नेता का चुनाव?

Mon, 12 Nov 2012 09:59 AM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Mon, 12 Nov 2012 09:59 AM IST
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how leaders get elected in china

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी जल्द ही दल की स्थायी समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा करेगी। इनका चुनाव पार्टी की कांग्रेस में किया जाएगा जो फ़िलहाल बीजिंग में जारी है।

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लेकिन सदस्यों के चुनाव के समय पार्टी में उनकी कौन सी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखा जाता है और इन सदस्यों में कौन-कौन सी योग्यताएं होनी चाहिए?

स्थायी समिति के सदस्यों की तादाद सात से नौ के बीच हो सकती है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नियमों के तहत इनका चुनाव पार्टी की केंद्रीय समिति करती है। केंद्रीय समिति में 200 से अधिक सदस्य होते हैं और यही पालित ब्यूरो और महासचिव का भी चयन करते हैं।
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ठप्पा भर
हालांकि वोटिंग के लिए हाथ और कार्ड उठाकर समर्थन जताया या नकारा जाता है लेकिन सच तो ये है कि बैठक में पार्टी के मुखिया द्वारा पहले से तय उम्मीदवारों के नामों पर ठप्पा भर लगाया जाता है।
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लेकिन आख़िर ये चुनाव होता किस आधार पर है? चीन में ये पूरी प्रक्रिया उतनी ही जटिल है जितनी वहां की बहुत सारी चीजें।

पार्टी के बड़े नेता अपने ख़ास उम्मीदवारों को आगे बढ़ाते हैं। ये नेता सरकार और पार्टी के विभिन्न पदों पर काम करते हुए अपनी योग्यता में इज़ाफ़ा करते हैं।

वर्तमान पार्टी प्रमुख हू जिंताओं का उदाहरण लें। कभी पार्टी में बहुत ताक़तवर रहे डेंग जियाओपिंग को लगा था कि उनमें दल के सबसे ऊंचे पद पर विराजमान होने की क्षमता मौजूद है। ये बात 1980 के आसपास की है।

हालांकि हू जिंताओ को पद साल 2002 में जाकर हासिल हुआ। डेंग जियाओपिंग के कार्यकाल में उन उम्मीदों पर बने रहना अपने आप में एक क्षमता थी।

राजनीतिक जीवन
अब प्रमुख नेताओं के हाथ में भले ही उतनी शक्ति केंद्रित न हो, लेकिन उनका अनुमोदन और समर्थन हासिल करना अब भी बहुत मायने रखता है।

एक और तजुर्बा जो किसी के पक्ष में जा सकता है, वो है किसी उम्मीदवार का बीजिंग, शंघाई, तियानजिन और चौंगकिंग जैसे क्षेत्र में किसी समय मेयर के पद पर आसीन रहा होना।

अगर उम्मीदवार कभी किसी राज्य या स्वायत्त क्षेत्र का गवर्नर रहा हो तो ये उनके पक्ष में जा सकता है। लेकिन ये ज़रूरी है कि आपके कार्यकाल में क्षेत्र में किसी तरह की बड़े हंगामे न हुए हों और अगर कोई बड़ा विवाद खड़ा भी हुआ हो तो आप इसका निपटारा करने में पूरी तरह सफल रहे हों।

शि जिंगपिंग, जिनका नाम पार्टी के संभावित नेता के तौर पर ज़ोर-शोर से लिया जा रहा है, उन्होने अपना राजनीतिक सफ़र बहुत निचले पदों से शुरू किया था।

आम सहमति की जरूरत
ली केचियांग का नाम संभावित प्रधानमंत्री के तौर पर लिया जा रहा है। ली केचियांग कम्युनिस्ट यूथ लीग के सचिवालय में काम कर चुके हैं जिसके बाद वो हेनान प्रांत के गवर्नर बनाए गए थे।

उन्होंने एक अन्य राज्य के पार्टी सचिव की भूमिका भी निभाई है। इस समय जो भी अहम नेता हैं उनके पास भी इसी तरह का अनुभव है।

जब आप इस तरह की अहम ज़िम्मेदारियां निभा चुके हों तो आपको सरकार में कोई बड़ा पद दिया जाता है, या फिर पालित ब्यूरो में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद ही आप पालित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य के तौर पर चुने जाने के क़ाबिल समझे जाते हैं।

वर्तमान में चीन की राजनीति में कोई भी बड़ा नेता बहुत शक्तिशाली नहीं है इसलिए समझा जा रहा है कि उम्मीदवारों का फैसला आम सहमति से किया जाएगा।

बैठक का निमंत्रण
उम्मीदवारों के राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन की जांच-पड़ताल पार्टी का व्यस्थापन विभाग करता है। अगर आप उनके पैमानों पर खरे नहीं उतरते तो आप बड़े पद पर पहुंचने के सपने को भूल जाएं।


हालांकि अपने उत्तराधिकारी के चयन में पार्टी के वर्तमान प्रमुख की बात को महत्व दिया जाता है, लेकिन ये ज़रूरी है कि उम्मीदवारों की सूची तैयार किए जाने से पहले इस पर पार्टी के विभिन्न धड़ों की सहमति हो।

इस पूरी प्रक्रिया के बाद सब कुछ आसान हो जाता है, पार्टी कांग्रेस की बैठक बुलाई जाती है और केंद्रीय समिति इनका चुनाव कर लेती है।

अगर पार्टी में किन्हीं नामों का विरोध हुआ है या कुछ नेता बैठक में गैरहाज़िर रहे हैं तो ये ख़बरें कभी बाहर नहीं आई हैं।

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