खशोगी हत्या मामले में पांच सऊदी अधिकारियों को मिल सकती है मौत की सजा
सरकारी अभियोजक के दफ्तर के प्रवक्ता ने कहा, खशोगी को नशीली दवाएं दी गईं और उसके बाद शव के टुकड़े कर दिए गए। शव के टुकड़ों को वाणिज्य दूतावास के बाहर एक एजेंट को दे दिया गया था। प्रवक्ता ने साफ कहा कि हत्या के बारे में प्रिंस मोहम्मद को कोई जानकारी नहीं थी।
उन्होंने आगे कहा, सऊदी के खुफिया विभाग के उपप्रमुख जनरल अहमद अल-असीरी ने खशोगी को देश में लाने का आदेश दिया था और जो टीम इस्तांबुल वाणिज्य दूतावास गई थी, उसके चीफ ने हत्या का आदेश दिया। सरकारी न्यूज एजेंसी एसपीए द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार सरकारी अभियोजक ने हत्या में शामिल पांच लोगों को मौत की सजा देने की मांग की है। हत्या के मामले में कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
सऊदी ने कत्ल की अंतरराष्ट्रीय जांच से किया इनकार
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने पत्रकार जमाल खशोगी की इस्तांबुल में उनके मुल्क के वाणिज्य दूतावास में हत्या की अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की तुर्की की मांग को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया।
विदेश मंत्री आदिल अल-जुबैर ने कहा कि सऊदी अरब के पास अपना जांच निकाय है और खशोगी की हत्या की स्वतंत्र जांच को ‘खारिज’ करता है। खशोगी का कत्ल करने से पहले उन्हें भारी मात्रा में नशीला पदार्थ दिया गया था और फिर उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे।