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पहले उम्रकैद की सज़ा, अब रिकॉर्ड हर्जाना
बीबीसी हिंदी
Updated Sat, 03 Nov 2012 12:44 AM IST
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चीन में एक शख्स को धोखाधड़ी के एक ग़लत मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई गई। 11 साल की सज़ा भुगतने के बाद भी उसके ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत नहीं मिले। अब अदालत ने इस शख्स को आठ लाख 25 हज़ार युआन यानी 1।31 लाख डॉलर का रिकॉर्ड मुआवज़ा देने का आदेश दिया है।
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सरकारी समाचार पत्र 'सदर्न मेट्रोपोलिस डेली' के मुताबिक ग्यॉडोंग प्रांत की सर्वोच्च अदालत ने 39 साल के हुआंग ली को मुआवज़े के तौर पर इतनी बड़ी रकम के भुगतान का आदेश दिया है।
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ऐसे मामलों में अभी तक किसी को इतना बड़ा मुआवज़ा नहीं मिला है। अदालत के मुताबिक जेल की सजा के दौरान ली की स्वतंत्रता तो छीनी ही गई साथ ही उन्हें मानसिक और भावनात्मक तनाव से भी गुज़रना पड़ा।
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हुआंग को 1999 में गिरफ़्तार किया गया था और अगले साल उन्हें उम्र कैद की सजा दी गई। जब उन्हें गिरफ़्तार किया गया था तब वे एक इस्पात कंपनी में काम करते थे। हालांकि सबूतों के अभाव में इस शख्स को 2010 में बरी करते हुए जेल से रिहा किया गया।
बढ़ रहे हैं ऐसे मामले
हुआंग को दिए जाने वाले हर्जाने में उनकी आज़ादी छीने जाने से हुए नुकसान का आकलन भी किया गया है। इसके लिए उन्हें प्रति दिन 162।64 युआन यानी प्रतिदिन करीब 1300 रुपए का भुगतान किया जाएगा।
'सदर्न मेट्रोपोलिस डेली' के मुताबिक ये सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले शहरी मज़दूरों की औसत दिहाड़ी है। चीन की कानूनी व्यवस्था में ग़लत तरीके से अभियुक्तों को दोषी ठहराए जाने की बीमारी बढ़ रही है। इसमें संदिग्ध लोगों को जुर्म कबूलने के लिए भयानक रुप से प्रताड़ित किया जाना भी शामिल है।
पिछले दिनों ऐसे दो चर्चित मामले सामने आ चुके हैं जिसमें मौत की सजा भुगत रहे लोगों को निर्दोष पाया गया क्योंकि जिनकी हत्या के मामले में उन्हें सजा दी गई थी, वह जिंदा पाए गए।