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आंखों को होने वाले नुकसान का पता लगाएगा रंग बदलने वाला सेंसर

Wed, 05 Sep 2018 05:29 AM IST
Updated Wed, 05 Sep 2018 05:29 AM IST
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colour changing sensor will detect damage to the eyes
वैज्ञानिकों ने रंग बदलने वाले कॉन्टेक्ट लेंस विकसित किए हैं

वैज्ञानिकों ने रंग बदलने वाले कॉन्टेक्ट लेंस विकसित किए हैं जो आंखों की चोट के एक महत्वपूर्ण मार्कर का पता लगा सकते हैं। लैंस में मौजूद सेंसर आंखों को होने वाली क्षति का पता लगाएंगे।

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इससे आंखों को पहुंचने वाले घाव का आसानी से इलाज किया जा सकेगा। अमेरिका में इलिनोइस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल टियर्स (आंसू) में एस्कॉर्बिक एसिड के स्तर को मापने और रोगियों से तरल पदार्थ के नैदानिक नमूने में मापने के लिए ओजोगेल नामक सेंसर का इस्तेमाल किया।
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‘जर्नल बायोसेंसर्स और बायोइलेक्ट्रॉनिक’ में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, गोल्ड नैनोपार्टिकल जेल रंग बदलती है। एस्कोरबिक एसिड, जिसे विटामिन सी भी कहा जाता है, यह आंखों के अंदर तरल पदार्थ में उच्च सांद्रता में पाया जाता है, जिसे एक्वीअस ह्यूमर भी कहा जाता है, लेकिन आम तौर पर आंसुओं में बहुत कम सांद्रता होती है।

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