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चीन: सुधारों के लिए खुला पत्र
Updated Thu, 28 Feb 2013 02:22 PM IST
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चीन के प्रमुख विद्वानों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने देश के नेताओं के नाम एक खुला पत्र जारी किया है जिसमें देश में राजनीतिक सुधारों को लागू करने की अपील की गई है।
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पिछले तीन महीनों में इन लोगों ने दूसरी बार ऐसा पत्र लिखा है।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले करीब सौ लोगों ने सरकार से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संधि पर हस्ताक्षर करने की अपील की है।
इस पत्र को चीन की तमाम वेबसाइटों और ब्लॉग्स पर पोस्ट किया गया था।
ये पत्र ऐसे समय लिखा गया है कि जब कुछ ही दिनों में चीन के नेता बीजिंग में होने वाली सालाना संसदीय बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं।
सत्ता परिवर्तन
इस बैठक में कम्युनिस्ट पार्टी के नए नेता जी जिनपिंग हू जिंताओ से राष्ट्रपति पद का प्रभार भी ग्रहण करेंगे।
आईसीसीपीआर नामक संस्था के तहत ये पत्र लिखा गया है। ये संस्था संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार संस्था से मान्यता प्राप्त है।
चीन ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संधि पर 1998 में ही हस्ताक्षर किया था लेकिन संसद ने अभी उसे मान्यता नहीं दी है।
इस खुले पत्र पर चीन के कई प्रबुद्ध लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं जिनमें अर्थशास्त्री माओ युशी, कानूनी विद्वान हे वाइफैंग और राजनीतिक कार्यकर्ता दाई किंग शामिल हैं।
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इससे पहले दिसंबर महीने में भी इन्हीं लोगों ने एक ऐसा पत्र जारी किया था जिसमें चीन में राजनीतिक सुधारों की मांग की गई थी।