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महिला पत्रकार ने की फेसबुक पर टिप्पणी, बवाल

Sun, 28 Dec 2014 12:21 PM IST
Updated Sun, 28 Dec 2014 12:21 PM IST
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case file will on women journalist in egypt

मिस्र की जानी मानी पत्रकार और कवयित्री फातिमा नाउत पर कुर्बानी की आलोचना के लिए मुकदमा चलाया जाएगा।

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फातिमा पर आरोप है कि उन्होंने भेड़ की क़ुर्बानी की आलोचना कर इस्लाम धर्म का अनादर किया है।

बताया जाता है कि नाउत ने मुसलमानों के त्यौहार ईद-उल-अजहा (जिसमें जानवरों की कुर्बानी दी जाती है) पर जानवरों की बलि दिए जाने की परंपरा को इंसान के हाथों अब तक का सबसे बड़ा संहार बताया है।

पिता का बुरा सपना

फातिमा नाउत मिस्र में समाज के भीतर मौजूद वर्जनाओं पर अक्सर प्रहार करती रहती है। पिछले साल एक टीवी कार्यक्रम में उऩ्होंने कहा था कि अरब कब्जे के बाद मिस्र के लोगों पर अरबी भाषा जबरदस्ती लाद दी गई।
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इसके बाद फेसबुक पर जब उन्होंने भेड़ की कुर्बानी की निंदा की तो उनके नाम से एक और विवाद जुड़ गया। फातिमा का कहना था कि भेड़ की कुर्बानी इसलिए दी गई क्योंकि, कुरान और बाइबिल में दिए गए अब्राहम और इस्हाक की कहानी के अनुसार, एक पिता ने अपने बेटे के बारे में बुरा सपना देख लिया था।
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स्वीकार और खंडन

स्थानीय मीडिया का कहना है कि फातिमा ने अपने फेसबुक पेज पर इस संदर्भ में की गई टिप्पणी की बात स्वीकार तो की है लेकिन इस बात का खंडन किया है कि ऐसा कर उन्होंने इस्लाम का अपमान किया है।


मिस्र में इस्लाम का अनादर करना एक अपराध है और इसके लिए पांच साल की जेल हो सकती है। दुनिया भर में मुसलमान ईद-उल-अजहा के दिन जानवरों की कुर्बानी देते हैं।

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