बुरुंडी: भारी हिंसा में 87 लोगों की मौत
बुरुंडी में सेना का कहना है कि शुक्रवार को हुई हिंसा में 87 लोगों की मौत हुई है। राजधानी बुजुमबुरा में हुई इस हिंसा में आठ सुरक्षाकर्मी भी मारे गए हैं। सेना के मुताबिक बुजुमबुरा में 34 शव में मिले हैं।
बीबीसी संवाददाता के अनुसार देश में शुरू हुई अशांति के दौर के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शव मिले हैं। बीबीसी संवाददाता का कहना है कि नायकाबीगा ज़िले की कई सड़कों पर उन्होने ख़ुद 21 शवों को देखा है। सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों के अगले दिन ये शव मिले हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने बदले की मंशा से इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों से भी शव मिलने की ख़बरें आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस घर-घर जाकर खोजी अभियान के बहाने युवाओं को गिरफ़्तार करने के बाद उनकी हत्या कर रही है।
12 विद्रोहियों को मार गिराया गया
हालांकि पुलिस ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि जो भी लोग मारे गए हैं वो सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों के आरोपी थे। अधिकारियों के अनुसार सशस्त्र हमलावरों ने संगठित तौर पर तीन जगहों पर स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया। इसमें नगागारा, मुसागा और मुजेजुरु शामिल हैं। सेना के एक प्रवक्ता के अनुसार इस दौरान 12 विद्रोहियों को मार गिराया गया।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से अब तक यहां हुई हिंसा में 240 लोग मारे जा चुके हैं और दो लाख से ज़्यादा पड़ोसी देशों की तरफ पलायन कर गए हैं।
देश में हर रोज़ राष्ट्रपति कुरुनज़ीज़ा के विरोधी और उनके समर्थकों के मारे जाने की ख़बरें आती रहती हैं। बुरुंडी में इस साल मई में तख़्तापलट की कोशिश और राष्ट्रपति पियारन कुरुनज़ीज़ा के पद पर बने रहने के बाद से ही अशांति का माहौल है।