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नेपाल में भूकंप की वजह से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी में हुए कई सुराख

Sun, 27 Mar 2016 05:38 AM IST
एजेंसी/ काठमांडू
एजेंसी/ काठमांडू Updated Sun, 27 Mar 2016 05:38 AM IST
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Because of  earthquake , many holes in the world's highest peak

नेपाल में बीते साल आए भीषण भूकंपों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को भी हिला कर रख दिया। भूकंप की वजह से माउंट एवरेस्ट में कई सुराख और दरारें पाई गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा में करीब नौ हजार लोग मारे गए थे। पर्वतारोही अभियान से जुडे़ विशेषज्ञों की एक टीम ने यह जानकारी दी है।

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नेपाल पर्वतारोही संघ के चेयरमैन आंग शेरिंग शेरपा के मुताबिक, ‘बीते साल 25 अप्रैल और मई में आए भयानक भूकंपों की वजह से पूरे एवरेस्ट क्षेत्र में जबरदस्त झटके आए। जिस वजह से पहाड़ को कुछ नुकसान हुआ है।’ उन्होंने बताया कि पहाड़ पर रस्सियां और सीढ़ियां लगाने वाले पर्वतारोही शेरपा  विशेषज्ञों (आइसफाल डॉक्टर) ने इसकी जानकारी दी, जिन्होंने बताया कि पहाड़ की ढलान पर कई दरारें और सुर्राख हो गए हैं, जिनकी ज्यादा से ज्यादा मरम्मत करने की जरूरत है।
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शेरिंग शेरपा ने कहा कि इस वक्त एवरेस्ट पर ऐसे 10 डॉक्टरों की जरूरत हैं, जो आम तौर पर रस्सियां लगाने वाले छह लोगों से ज्यादा हैं। ये लोग एल्युमिनियम की सीढ़ियां पहाड़ों पर लगाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ मुश्किलों की वजह से इसमें काफी वक्त लगेगा।

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शेरपा पर्वतारोही तैयार करते हैं रास्ते

Because of  earthquake , many holes in the world's highest peak
शेरपा पर्वतारोहियों को आइसफाल डॉक्टर कहा जाता है, जो पहाड़ पर चढ़ाई के लिए रास्ते तैयार करते हैं और रास्तों की मरम्मत का काम करते हैैं। पहाड़ों पर सीढ़ियां और रस्सियां लगाने का काम सागरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति के जिम्मे है। ये डॉक्टर बेस कैंप से चोटी तक पहुंचने के लिए रास्ते तैयार करते हैं। ताकि पर्वतारोहियों को किसी किस्म की दिक्कत नहीं हो।

बीते साल दो भूकंपों के बाद नेपाल में कम से कम चार की तीव्रता वाले 440 से ज्यादा भूकंप के झटके आए थे। इन झटकों का असर माउंट एवरेस्ट पर भी काफी पड़ा था। इन झटकों की वजह से नेपाल के कई इलाके पूरी तरह से तबाह हो गए थे।
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