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अफगानिस्तान में बने रहेंगे अमेरिकी सैनिक
Updated Wed, 01 Oct 2014 09:18 AM IST
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अफगानिस्तान की नई सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ एक नए सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत अमेरिकी सैनिक 2014 के बाद भी वहां रुके रहेंगे।
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इस समझौते पर अफगानिस्तान के नए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हनीफ अत्मार ने हस्ताक्षर किए हैं।
हामिद करजई के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने अमेरिका के साथ इस द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते यानी बीएसए पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।
अफगानिस्तान में मौजूद ज्यादातर नेटो सेनाएं इस साल के अंत तक देश छोड देंगी, लेकिन 9800 अमेरिकी सैनिक वहां बने रहेंगे।
लंबे समय से प्रतीक्षित इस समझौते पर अमेरिका की ओर से अफगानिस्तान में अमेरिका के राजदूत जिम कनिंघम ने हस्ताक्षर किए।
साल 2015 के अंत तक अमेरिकी सैनिकों की संख्या आधी रह जाएगी और 2016 के अंत तक अमेरिकी सेनाएं लगभग पूरी तरह से वापस आ जाएंगी।
बीएसए के तहत आतंक विरोधी अभियानों के लिए कुछ विदेशी सेनाओं को देश में रहने की अनुमति मिली हुई है।