{"_id":"f519d30a-15b5-11e2-abb2-d4ae52bc57c2","slug":"al-qaeda-leader-zawahiri-calls-for-more-mohammad-film-protests","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैगंबर विरोधी फिल्म पर अल-ज़वाहिरी का वीडियो","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"बाकी दुनिया","slug":"rest-of-world"}}
पैगंबर विरोधी फिल्म पर अल-ज़वाहिरी का वीडियो
Updated Sat, 27 Oct 2012 04:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल-क़ायदा के प्रमुख अयमन अल-ज़वाहिरी ने कहा है कि अमरीका में तैयार
विज्ञापन
पैगंबर मोहम्मद विरोधी फ़िल्म ये दर्शाती है कि अमरीका ने यहूदियों के साथ
मिलकर मुसलमानों के ख़िलाफ़ धार्मिक जंग छेड़ा हुआ है।
चरमपंथी सगंठन के मुखिया ने मुस्लिमों से कहा है कि वो विश्व भर में मौजूद अमरीकी दूतावासों के सामने फ़िल्म के विरोध में प्रदर्शन करें। अल-क़ायदा प्रमुख ने फ़िल्म के वीडियो के जारी होने के बाद लीबिया के बेनग़ाज़ी शहर में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर किए गए हमले की तारीफ़ की है। हालांकि उन्होंने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं क़बूल की है। बेनग़ाज़ी में हुए हमले में चार राजनीतिज्ञों की मौत हो गई थी।
वीडियो
अल-ज़वाहिरी के ताज़ा बयान एक चरमपंथी संगठन की वेबसाइट पर लगाए गए वीडियो में दिए गए हैं। सात मिनट के वीडियो में अल-क़ायदा प्रमुख ने "उन गणमान्य लोग जिन्होंने बेनग़ाज़ी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया और जिन्होंने क़ाहिरा में दूतावास के बाहर प्रदर्शन के बाद अमरीकी झंडे की जगह इस्लाम और जिहाद का परचम फहराया था" की तारीफ़ की है।
अल-ज़वाहिरी ने कहा है कि अमरीका ने अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर फ़िल्म को बनाए जाने की इजाज़त दी है लेकिन वो यही आदर्श ग्वांतानामो की जेलों में बंद क़ैदियों, इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के मामले में नहीं अपनाता है।
विज्ञापन
अमरीकी सरकार ने 'इनोसेंस ऑफ़ मुस्लिम' नाम की इस फ़िल्म की कड़े शब्दों में निंदा की है लेकिन फ़िल्म पर प्रतिबंध लगाने से ये कहकर मना कर दिया है कि ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में दख़लअंदाज़ी होगी। फ़िल्म में मुसलमानों के आख़िरी पैगंबर मोहम्मद पर कई तरह के लांछन लगाए गए हैं।
चरमपंथी सगंठन के मुखिया ने मुस्लिमों से कहा है कि वो विश्व भर में मौजूद अमरीकी दूतावासों के सामने फ़िल्म के विरोध में प्रदर्शन करें। अल-क़ायदा प्रमुख ने फ़िल्म के वीडियो के जारी होने के बाद लीबिया के बेनग़ाज़ी शहर में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर किए गए हमले की तारीफ़ की है। हालांकि उन्होंने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं क़बूल की है। बेनग़ाज़ी में हुए हमले में चार राजनीतिज्ञों की मौत हो गई थी।
वीडियो
अल-ज़वाहिरी के ताज़ा बयान एक चरमपंथी संगठन की वेबसाइट पर लगाए गए वीडियो में दिए गए हैं। सात मिनट के वीडियो में अल-क़ायदा प्रमुख ने "उन गणमान्य लोग जिन्होंने बेनग़ाज़ी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया और जिन्होंने क़ाहिरा में दूतावास के बाहर प्रदर्शन के बाद अमरीकी झंडे की जगह इस्लाम और जिहाद का परचम फहराया था" की तारीफ़ की है।
विज्ञापन
अल-ज़वाहिरी ने कहा है कि अमरीका ने अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर फ़िल्म को बनाए जाने की इजाज़त दी है लेकिन वो यही आदर्श ग्वांतानामो की जेलों में बंद क़ैदियों, इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के मामले में नहीं अपनाता है।
विज्ञापन
अमरीकी सरकार ने 'इनोसेंस ऑफ़ मुस्लिम' नाम की इस फ़िल्म की कड़े शब्दों में निंदा की है लेकिन फ़िल्म पर प्रतिबंध लगाने से ये कहकर मना कर दिया है कि ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में दख़लअंदाज़ी होगी। फ़िल्म में मुसलमानों के आख़िरी पैगंबर मोहम्मद पर कई तरह के लांछन लगाए गए हैं।