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'धरती के जहन्नुम' पर सीरियाई हवाई हमले जारी
बीबीसी हिंदी
Updated Mon, 26 Feb 2018 02:55 PM IST
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सीरिया
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को संघर्ष विराम का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद, विद्रोहियों के ठिकानों पर सीरियाई सरकार के हवाई हमले जारी हैं। कहा जा रहा है कि ताजा हमले में सीरिया ने क्लोरीन जैसे रासायनिक हथियारों का भी इस्तेमाल किया है।
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राजधानी दमिश्क के नजदीक पूर्वी गूटा में विद्रोहियों के ठिकाने पर सीरियाई बमबारी में पिछले एक हफ्ते के दौरान सैकड़ों लोग मारे गए हैं।
बीबीसी के मिडिल ईस्ट एडिटर जेरेमी बोवेन का कहना है कि सीरिया में लगभग सात साल से लड़ाई जारी है और इस दौरान सही मायनों में संघर्ष विराम शायद ही कभी हुआ है।
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सीरिया के सहयोगी रूस का कहना है कि पूर्वी गूटा में मौजूद जैश अल इस्लाम संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है।
रूस के दावे पर जैश अल इस्लाम के एक प्रवक्ता का कहना है कि जब सीरिया की सरकार ही संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को नहीं मान रही है, तो हम भी अपने बच्चों के साथ हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकते।
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सीरिया ने ताजा हमला सुरक्षा परिषद में 30 दिन के संघर्ष विराम का प्रस्ताव पारित होने के कुछ ही घंटों बाद किया जिसमें हवाई हमलों के साथ ज़मीनी सैन्य कार्रवाई भी शामिल है।
रविवार को फ्रांस और जर्मनी ने रूस से कहा था कि वो सीरिया की सरकार पर संघर्ष विराम का सम्मान करने के लिए दबाव बनाए।
'धरती पर जहन्नुम'
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेश ने पूर्वी ग़ूटा के हालात को 'धरती पर जहन्नुम' की तरह बताया है।
इस इलाके में बैरल बम और दूसरे तरह से गोलाबारी में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और लगभग चार लाख लोग संघर्ष वाले क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
संघर्ष विराम के बावजूद सीरियाई कार्रवाई के बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान ने कहा है कि वो संघर्ष विराम का पालन करेगा, लेकिन दमिश्क के आसपास अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा, क्योंकि ये इलाका संघर्ष विराम के दायरे में नहीं आता।