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डोकलाम विवाद के बाद जंग की नई जमीन, श्रीलंका में चीन को चुनौती देने की तैयारी में भारत
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 14 Oct 2017 08:22 PM IST
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भारत की नजरें चीन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट वन रोड वन बेल्ट (ओआरओबी) से सटे श्रीलंका के एयरपोर्ट पर टिकी हैं। श्रीलंका के एक मंत्री ने बताया है कि चीन ने अपने इस प्रोजेक्ट में भारी निवेश किया है।
इस मुद्दे पर भारत और श्रीलंका के बीच बातचीत अंतिम दौर में है। भारत इस द्वीप के एयरपोर्ट का संचालन करना चाहता है।
श्रीलंका के नागरिक उड्डयन मंत्री निमल सिरीपाला ने बताया कि उनका देश हंबनटोटा क्षेत्र में वैकल्पिक निवेशक की तलाश में था, जहां चीन ने बंदरगाह विकसित किया है।
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यहां निवेश क्षेत्र और रिफाइनरी बनाने पर चर्चा चल रही है। इसी वक्त भारत एक प्रस्ताव के साथ सामने आया। वह भारत व श्रीलंका एयरपोर्ट एंड एविएशन सर्विसेज लिमिटेड (एएएसएल) का संयुक्त उद्यम बनाने को तैयार हैं।
कोलंबो और मताला हवाई अड्डों का प्रबंधन अधिकार एएएसएल के पास है। एयरपोर्ट डील के बारे में पूछे जाने पर भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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इस मुद्दे पर भारत और श्रीलंका के बीच बातचीत अंतिम दौर में है। भारत इस द्वीप के एयरपोर्ट का संचालन करना चाहता है।
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श्रीलंका के नागरिक उड्डयन मंत्री निमल सिरीपाला ने बताया कि उनका देश हंबनटोटा क्षेत्र में वैकल्पिक निवेशक की तलाश में था, जहां चीन ने बंदरगाह विकसित किया है।
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यहां निवेश क्षेत्र और रिफाइनरी बनाने पर चर्चा चल रही है। इसी वक्त भारत एक प्रस्ताव के साथ सामने आया। वह भारत व श्रीलंका एयरपोर्ट एंड एविएशन सर्विसेज लिमिटेड (एएएसएल) का संयुक्त उद्यम बनाने को तैयार हैं।
कोलंबो और मताला हवाई अड्डों का प्रबंधन अधिकार एएएसएल के पास है। एयरपोर्ट डील के बारे में पूछे जाने पर भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं आई है।