{"_id":"57602e4c4f1c1bc61011b781","slug":"according-to-a-university-of-malaysia-s-study-islam-taught-hindus-to-be-clean","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुस्लिम बहुल देश में अध्ययन,भारत के हिंदू होते हैं गंदे","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
मुस्लिम बहुल देश में अध्ययन,भारत के हिंदू होते हैं गंदे
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली
Updated Wed, 15 Jun 2016 03:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मलेशिया की यूनिवर्सिटी ने अपनी एक स्टडी मॉड्यूल में भारत में हिंदुओं को 'अस्वच्छ एवं गंदा' बताया है। इसके बाद इस मुस्लिम बहुल देश में विवाद खड़ा हो गया है। अल्पसंख्यक समुदाय में आक्रोश फैला है। यह विवाद यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी मलेशिया (यूटीएम) के इस मॉड्यूल के स्लाइडों को ऑनलाइन पोस्ट करने के बाद विवाद खड़ा हुआ है। इन स्लाइडों में दावा किया गया है कि हिंदू अपने शरीर के मैल को निर्वाण प्राप्त करने के अपने धार्मिक कर्म का हिस्सा मानते हैं।
विज्ञापन
हालांकि उपशिक्षा मंत्री पी कमलनाथन द्वारा इस मुद्दे को उठाया है जिसके बाद विश्वविद्यालय ने कहा कि वह इस मॉड्यूल की समीक्षा करेगा।भारतीय मूल के पी कमलनाथन मलेशिया में उपशिक्षा मंत्री हैं। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट किया कि, 'मैंने यूटीएम के कुलपति से बात की है और उन्होंने इस भूल को स्वीकार कर लिया है।'
विज्ञापन
मलय मेल ऑनलाइन की खबर के अनुसार इस मॉड्यूल में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। साथ ही अधिकारियों ने इस सुझाव से पूरी तरह सहमती जताई कि ऐसी भूल दोबारा न हो। मुस्लिम बहुल मलेशिया की 2.8 करोड़ की जनसंख्या में 60 फीसदी मलय हैं जो पूरी तरह मुसलमान हैं। 25 फीसदी चीनी हैं जो ईसाई और बौद्ध हैं। आठ फीसदी जातीय भारतीय हैं जिनमें ज्यादातर हिंदू हैं।
विज्ञापन
उपशिक्षा मंत्री पी कमलनाथन ने कहा कि हिंदुओं को गंदे रूप में चित्रण करने वाले यूटीएम मॉड्यूल का स्लाइड इस धर्म को गलत तरीके से पेश करने के लिए जानबूझकर तैयार किया गया है। न्यूज पोर्टल के अनुसार उन्होंने कहा कि वह उच्च शिक्षा मंत्रालय से यह सुनिश्चित करने को कहेंगे कि इस्लामिक और एशियाई सभ्यता अध्ययन के इस मॉड्यूल की सभी सामग्री को छात्रों के सामने पेश करने से पहले धार्मिक विशेषज्ञों द्वारा परखा जाए।
मॉड्यूल में यह भी दावा किया गया है कि इस्लाम ने ही भारत में हिंदुओं के जीवन में शिष्टाचार शुरू किया। सिख धर्म की उत्पति के अध्यापन पर केंद्रित एक अन्य स्लाइड में दावा किया गया है कि इस धर्म के संस्थापक गुरु नानक की इस्लाम के बारे में मामूली समझ थी और उन्होंने सिख पंथ की स्थापना करने में इसे आसपास की हिंदू शैली के साथ मिला लिया।
मलेशियन इंडियन प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ने इन स्लाइडों की निंदा करते हुए विश्वविद्यालय से इसे वापस लेने और माफी मांगने की मांग की है। हिंदू धर्म एसोसिएशन ऑफ मलेशिया के अध्यक्ष ने यूटीएम के खिलाफ सुंगई पेटानी जिले में एक पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई है।