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'हर दिन 20 करोड़ SMS की हो रही जांच'
Updated Fri, 17 Jan 2014 08:22 AM IST
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ब्रिटेन के मीडिया में आई ख़बरों में कहा गया है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) दुनियाभर से एक दिन में लगभग 20 करोड़ एसएमएस जुटाती रही है।
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गार्डियन अख़बार और चैनल 4 न्यूज़ का कहना है कि एनएसए इन एसएमएस का विश्लेषण करता है और अपने पास सुरक्षित रखता है।
भगोड़े अमरीकी ख़ुफ़िया विश्लेषक एडवर्ड स्नो़डेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेज़ों से यह संकेत मिला है।
ये जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इस संबंध में शुक्रवार को एक बयान जारी करने वाले हैं।
एनएसए ने इस बारे में बीबीसी को बताया, ''ये ग़लत है कि एनएसए यह काम बेरोकटोक और मनमाने तरीके से करता है।''
गुरुवार को व्हाइट हाउस ने कहा कि बराक ओबामा ने इस बारे में ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से बात की है।
गार्डियन अख़बार का कहना है कि एनएसए ने ब्रिटेन में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया था।
लेकिन एनएसए का कहना है कि उसने क़ानून के दायरे और नीतिगत ढांचे के तहत ऐसा किया।
मामला निजता का
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसए का डिशफ़ायर प्रोग्राम, एसएमएस के अलावा मिस्ड कॉल अलर्ट और रोमिंग संबंधी जानकारी का भी विश्लेषण करता है।
इसमें ये भी कहा गया है कि ये प्रोग्राम लोगों के बैंक के ब्योरे, उनके लेनदेन, भुगतान और इलेक्ट्रॉनिक बिज़नेस कार्ड्स के बारे में भी जानकारी जुटाता है।
एडवर्ड स्नोडेन
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसए ने साल 2012 में इस तरह बड़ा डेटाबेस तैयार किया था।
लेकिन एनएसए ने बीबीसी से कहा कि उसकी गतिविधियां का उद्देश्य वैध ख़ुफ़िया आवश्यकताओं की पूर्ति करना था।
एनएसए ने माना है कि हो सकता है कि इस प्रक्रिया में भूलवश अमरीकी नागरिकों के एसएसएस भी जुटाए गए हों, लेकिन पूरी प्रक्रिया के दौरान अमरीकी लोगों की निजता का ख़्याल रखा गया।
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ये तमाम जानकारी जिन दस्तावेज़ों से मिल रही है, उन्हें अमरीकी खुफिया कॉन्ट्रैक्टर ने लीक किया है।