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रोहिंग्या संकट: नाव पलटने से 14 रोहिंग्या औरतों-बच्चों की मौत

Fri, 29 Sep 2017 12:46 PM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Fri, 29 Sep 2017 12:46 PM IST
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14 Rohingya women and children die due to boat reversal
Symbolic Picture

बांग्लादेश पुलिस ने बताया है कि कॉक्स बाजार तट के पास एक नाव पलटने से कम से कम 14 रोहिंग्या लोगों की मौत हो गई है। पुलिस का कहना है कि मरने वालों में सभी महिलाएं और बच्चे हैं। नाव हादसे में बचे लोगों ने बताया है कि बांग्लादेश के तटीय शहर कॉक्स बाज़ार के पास समुद्र में डूबी किसी चीज से टकराकर नाव पलट गई। 

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पुलिस ने बताया है कि नाव पर 40 लोग सवार थे। पिछले 48 घंटों में दो हजार लोग म्यांमार के रखाइन प्रांत से भागकर बांग्लादेश आए हैं। चश्मदीदों का कहना है कि ये नाव तट से कुछ ही मीटर की दूरी पर हादसे का शिकार हुई।समाचार एजेंसी एएफपी को स्थानीय दुकानदार मोहम्मद सोहेल ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने लोगों को डूबते देखा और कुछ ही मिनटों में लहरें उनके शव किनारे पर ले आईं।
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पुलिस अधिकारी चैलॉ मारमा ने बताया कि मरने वालों में नौ बच्चे और बाकी महिलाएं थीं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, म्यांमार सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों की रखाइन प्रांत के दौरे को टाल दिया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बताया कि इसके लिए सरकार ने कोई कारण नहीं बताया लेकिन बाद में कहा गया कि खराब मौसम की वजह से दौरा टाला जा रहा है और ये दौरा अगले हफ्ते कराए जाने की सूचना दी गई है।

 
म्यांमार में 25 अगस्त से जारी हिंसा के कारण पांच लाख से ज़्यादा रोहिंग्या लोग बांग्लादेश की सीमा में दाखिल हो चुके हैं। अगस्त में जब सेना ने सुरक्षा बलों पर हमले के लिए जिम्मेदार रोहिंग्या लड़ाकों पर कार्रवाई शुरू की तो संयुक्त राष्ट्र सहायता कर्मियों को रखाइन प्रांत से बाहर कर दिया गया था। 

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बांग्लादेश की सीमा में आ रहे रोहिंग्या लोगों ने म्यांमार सेना पर हत्याएं करने और उनके गांव जलाने का आरोप लगाया है। कई पत्रकारों की रिपोर्टों और तस्वीरों में कई गांवों के जलकर खाक होने की पुष्टि की जा सकती है। लेकिन म्यांमार की सेना का कहना है कि सिर्फ रोहिंग्या चरमपंथियों को ही निशाना बनाया जा रहा है। इससे पहले इसी हफ़्ते, म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या चरमपंथियों के हाथों मारे गए 45 हिंदुओं की सामूहिक कब्र मिलने का दावा किया था। 

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