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US में अदाणी के खिलाफ आरोपों का निपटारा: प्रतिभूति आयोग ने लगाए थे धोखाधड़ी के आरोप, अब न्याय विभाग पर नजरें
Sat, 16 May 2026 07:25 AM IST
Jyoti Bhaskar
एजेंसी, न्यूयॉर्क / नई दिल्ली।
एजेंसी, न्यूयॉर्क / नई दिल्ली।
Published by: Jyoti Bhaskar
Updated Sat, 16 May 2026 07:25 AM IST
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गौतम अदाणी (फाइल)
- फोटो : ANI / X/ @gautam_adani
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भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी अमेरिका में जारी कई कानूनी जांचों के व्यापक समाधान के करीब हैं। इस क्रम में अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग ने अपने दीवानी मामले का निपटारा कर लिया है। न्याय विभाग एवं कोषागार विभाग आने वाले दिनों में समानांतर जांचों को समाप्त कर सकते हैं।
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मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) ने बृहस्पतिवार को गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ निवेशकों को किए गए खुलासों से जुड़े दीवानी आरोपों का निपटारा किया। ये आरोप भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं से संबंधित थे।
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अदालत के अभिलेखों के अनुसार, गौतम अदाणी ने छह लाख डॉलर और सागर अदाणी ने 1.2 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है लेकिन बिना किसी दोष को स्वीकार या अस्वीकार किए। इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) दोनों के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाने की तैयारी कर रहा है। यह कदम अभियोजकों और सुलिवन एंड क्रॉमवेल के वरिष्ठ भागीदार तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकीलों में से एक रॉबर्ट जे जिउफ्रा जूनियर के नेतृत्व वाले व्यापक कानूनी दल के बीच कई महीनों की बातचीत के बाद उठाया जा रहा है।
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प्रतिभूति आयोग ने लगाए थे धोखाधड़ी के आरोप
नवंबर 2024 में अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग द्वारा दायर मामले और अमेरिकी न्याय विभाग की आपराधिक शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अदाणी समूह ने भारतीय अधिकारियों को 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाई, ताकि सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल किए जा सकें। साथ ही धन जुटाते समय इस योजना को अमेरिकी निवेशकों और बैंकों से छिपाया गया। अभियोजकों ने अदाणी पर प्रतिभूति धोखाधड़ी और वायर धोखाधड़ी के तहत आरोप लगाए थे। हालांकि उन्हें अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) के तहत रिश्वतखोरी के अधिक गंभीर आरोपों में नामित नहीं किया गया था।