फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Researchers in China discover new type of swine flu that is capable of triggering pandemic in humans

चीन में सामने आया एक नया स्वाइन फ्लू, ले सकता है महामारी का रूप

Tue, 30 Jun 2020 09:01 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 30 Jun 2020 09:01 AM IST
विज्ञापन
Researchers in China discover new type of swine flu that is capable of triggering pandemic in humans
स्वाइन फ्लू (फाइल फोटो) - फोटो : social media

पूरी दुनिया जहां इस समय कोरोना वायरस महामारी से उबर भी नहीं पाई है कि चीन में शोधकर्ताओं ने एक नए प्रकार के स्वाइन फ्लू का पता लगाया है जो महामारी का रूप लेने में सक्षम है। ऐसा अमेरिकी विज्ञान पत्रिका पीएनएएस में सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है। इसे जी-4 नाम दिया गया है। यह आनुवंशिक रूप से एच1एन1 का ही एक रूप है जो 2009 में महामारी का कारण बना था।

विज्ञापन


चीनी विश्वविद्यालयों और चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के वैज्ञानिकों, लेखकों ने कहा, ‘इसमें मनुष्यों को संक्रमित करने के लिए अत्यधिक अनुकूलित होने की सभी आवश्यक चीजें मौजूद हैं।’ 2011 से 2018 तक, शोधकर्ताओं ने 10 चीनी प्रांतों और एक पशु चिकित्सा अस्पताल के बूचड़खानों में 30,000 सुअरों की नाक के स्वैब लिए। इससे उन्हें 179 स्वाइन फ्लू के वायरस को अलग करने की इजाजत मिली।
विज्ञापन


यह बहुसंख्यक वायरस उसी तरह के हैं जो 2016 में सुअरों के बीच प्रभावी रहे हैं। शोधकर्ताओं ने इसके बाद फेरेट्स पर विभिन्न प्रयोगों को अंजाम दिया, जिनका व्यापक रूप से फ्लू अध्ययन में उपयोग किया जाता है। वे मनुष्यों के समान लक्षणों का अनुभव करते हैं- जैसे कि बुखार, खांसी और छींक।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- कोरोना: बेटे ने मौत से पहले पिता को भेजा वीडियो, कहा- मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं डैडी


जी-4 बहुत ज्यादा संक्रामक वायरस है। यह मानव कोशिकाओं में प्रतिकृति और अन्य वायरस की तुलना में अधिक गंभीर लक्षण पैदा करता है। परीक्षणों से यह भी पता चला है कि मौसमी फ्लू के संपर्क में आने से मनुष्य की प्रतिरक्षा उसे जी-4 से सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। रक्त परीक्षणों के अनुसार, वायरस के संपर्क में आने के बाद संक्रमितों के शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी में से 10.4 प्रतिशत पहले से ही संक्रमित पाए गए थे। 

यह वायरस जानवरों के जरिए इंसानों में पहुंचा है लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह इंसान से इंसान में फैल सकता है। वैज्ञानिक इसे लेकर काफी चिंतित हैं। शोधकर्ताओं ने लिखा, ‘यह चिंता का विषय है कि जी-4 वायरस का मानव संक्रमण अनुकूलन इसे आगे और महामारी के जोखिम को बढ़ाएगा।’ लेखकों ने सूअरों के साथ काम करने वाले लोगों की निगरानी करने के लिए तत्काल उपायों का आह्वान किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed