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US: चीनी हैकर्स ने उड़ाई अमेरिका की नींद, दूरसंचार कंपनियों के डेटा में लगाई सेंध; वायरटैपिंग को किया प्रभावित

Mon, 07 Oct 2024 08:18 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 07 Oct 2024 08:18 AM IST
सार

चीन और अमेरिका के बीच साइबर जासूसी के मामलों को लेकर पहले ही काफी तनाव है। अमेरिकी दूरसंचार उद्योग देश के इंटरनेट और फोन संचार की रीढ़ है। इसके चलते यह अक्सर सरकारी हैकर्स के निशाने पर रहता है।

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US China Tensions Rise Over Cyber security Breach as Telecom Industry Targeted by Chinese Hackers
hacker - फोटो : FREEPIK

विस्तार

चीन के हैकर्स ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया। हैकर्स ने कई अमेरिकी दूरसंचार कंपनियों में सेंध लगा दी है। इससे अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जांचकर्ताओं को संदेह है कि इन हैकर्स ने वायरटेप वारंट रिक्वेस्ट्स की एक्सेस हासिल कर ली है। हालांकि, कितना नुकसान हुआ है और कितनी सूचनाएं चोरी हुई हैं, यह अभी जांच का विषय है। हैकर्स ने अमेरिका के बड़े ब्रॉडबैंड और इंटरनेट सर्विसेज को निशाना बनाया है। इसमें एटी एंड टी, वेरिजोन और लूमेन जैसे नाम शामिल हैं। अमेरिकी टेलीकॉम इंडस्ट्री में यह सभी बड़े नाम हैं। वहीं, अमेरिका स्थित चीनी दूतावास ने ऐसी किसी बात से इनकार किया है।
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अमेरिकी दूरसंचार फोन संचार की रीढ़
गौरतलब है कि चीन और अमेरिका के बीच साइबर जासूसी के मामलों को लेकर पहले ही काफी तनाव है। अमेरिकी दूरसंचार उद्योग देश के इंटरनेट और फोन संचार की रीढ़ है। इसके चलते यह अक्सर सरकारी हैकर्स के निशाने पर रहता है। इन दूरसंचार कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में कॉलर और यूजर्स का डेटा होता है। अमेरिकी कानूनी एजेंसियां भी अक्सर राष्ट्रीय सुरक्षा जांच के दौरान इस डेटा का इस्तेमाल करती हैं। 
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टेलीकॉम फर्म्स में सेंध लगाई
इस मामले से अवगत सूत्रों ने बताया कि चीन के हैकर्स ने कई अमेरिकी टेलीकॉम फर्म्स में सेंध लगाई है। हैकर्स ने शायद संवेदनशील जानकारियों की खोज में सेंधमारी की है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हो सकती है।
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इंटरनेट प्रदाताओं को निशाना बनाया
अमेरिकी जांचकर्ताओं का मानना है कि हैकर्स ने वायरटैप वारंट अनुरोधों तक पहुंच हासिल की हो सकती है। अधिकारियों का मानना है कि एटी एंड टी, वेरिजोन और लुमेन जैसी प्रमुख ब्रॉडबैंड और इंटरनेट प्रदाताओं को निशाना बनाया गया है। 

चीनी दूतावास ने आरोपों को तथ्यहीन बताया
वॉशिंगटन डीसी में स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि उनके देश के हैकर इसमें शामिल नहीं हैं। दूतावास के प्रवक्ता लीयू पेंग्यू ने हैकिंग से जुड़े आरोपों को तथ्यहीन बताया। साथ ही अमेरिका पर साइबर सिक्योरिटी के मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। 


फिलहाल, एटी एंड टी, वेरिजोन और लुमेन ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका है और उन्हें अपनी सुरक्षा प्रणालियों को और भी मजबूत करना होगा।

 
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