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पाकिस्तान में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ बिल के विरोध में कट्टरपंथी और धार्मिक संगठन
Tue, 30 Apr 2019 04:39 PM IST
अमर शर्मा
एजेंसी, लाहौर
एजेंसी, लाहौर
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 30 Apr 2019 04:39 PM IST
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पाक संसद (फाइल)
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पाकिस्तान में जबरन धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं के बीच सिंध विधानसभा में इसके खिलाफ लाए गए बिल का कट्टरपंथी और धार्मिक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। पीएमएल-एफ के विधायक नंद कुमार की ओर से पेश इस बिल को खारिज करने की मांग को लेकर सिंध विधानसभा पर दबाव बनाया जा रहा है। धार्मिक संगठनों और धर्म आधारित राजनीति करने वाली पार्टियों ने देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
यह भी पढ़ें- पाक में लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए कानून नाकाफी : रिपोर्ट
बिल के विरोध में सोमवार को भरचोंडी दरगाह शरीफ के पीर मियां अब्दुल खालिक के नेतृत्व में विभिन्न धार्मिक संगठनों ने बैठक की। संगठनों ने सिंध विधानसभा से इस बिल को खारिज करने की मांग की। इन्होंने 3 मई को देशभर में प्रदर्शन की घोषणा की है। इनका कहना है कि अगर विधानसभा में बिल पास हुआ तो इसके खिलाफ पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा।
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बैठक में धार्मिक संगठनों ने कहा कि जबरन धर्मांतरण नहीं होना चाहिए, लेकिन इच्छा से इस्लाम अपनाने वालों की राह कानूनी अड़चन बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धार्मिक संगठनों ने आरोप लगाया कि सिंध सरकार सहमति से धर्मांतरण के रास्ते में बाधा पैदा कर रही है। इन्होंने सिंध में सत्ताधारी पार्टी पीपीपी के नेता आसिफ अली जरदारी और उनके बेटे बिलावल भुट्टो से विधानसभा में इस बिल को रोकने की मांग की है।
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बिल के विरोध में सोमवार को भरचोंडी दरगाह शरीफ के पीर मियां अब्दुल खालिक के नेतृत्व में विभिन्न धार्मिक संगठनों ने बैठक की। संगठनों ने सिंध विधानसभा से इस बिल को खारिज करने की मांग की। इन्होंने 3 मई को देशभर में प्रदर्शन की घोषणा की है। इनका कहना है कि अगर विधानसभा में बिल पास हुआ तो इसके खिलाफ पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा।
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बैठक में धार्मिक संगठनों ने कहा कि जबरन धर्मांतरण नहीं होना चाहिए, लेकिन इच्छा से इस्लाम अपनाने वालों की राह कानूनी अड़चन बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धार्मिक संगठनों ने आरोप लगाया कि सिंध सरकार सहमति से धर्मांतरण के रास्ते में बाधा पैदा कर रही है। इन्होंने सिंध में सत्ताधारी पार्टी पीपीपी के नेता आसिफ अली जरदारी और उनके बेटे बिलावल भुट्टो से विधानसभा में इस बिल को रोकने की मांग की है।